राष्ट्रीय चरित्र विकास को प्राथमिकता देकर राष्ट्र का विकास

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प्रत्येक माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा जाति या पंथ की परवाह किए बिना एक बेहतर व्यक्तिगत चरित्र विकसित करे।  जब मैं व्यक्तिगत चरित्र कहता हूं, तो मेरा मतलब ईमानदारी, अखंडता, लक्ष्य प्रतिबद्धता, सामाजिक प्रबुद्धता और कई अन्य जरुरी लक्षण विकसित करना है।  हालांकि, हमारी महान संस्कृति की उपेक्षा और…

समृद्धि के आह्वान का उत्सव है रूप चतुर्दशी

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पर्व हमारी संस्कृति के उज्ज्वल पक्ष के प्रहरी हैं। ये हमारी बहुरंगी संस्कृति के जीवंत साक्ष्य हैं। जीवन को आनंद का आस्वाद करवाना इनका परम लक्ष्य होता है। इनसे घर-परिवार में एकात्म भाव बनता है और खुशियां छलकती हैं। दीपोत्सव की पांचदिवसीय पर्व श्रंखला में धन त्रयोदशी के बाद पड़ने…

नये कपड़े और सेल्फी, क्या यही है हमारी दिवाली ?

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भारतीय संस्कृति में दिए जलाना सिर्फ एक त्यौहार नहीं बल्कि एक श्रद्धा और आदर का भाव होता है। हम दिए सिर्फ बाहर प्रकाश या दिखावे के लिए नहीं जलाते हैं बल्कि इससे मन के अंधकार को भी कम करते है। तेजी से बदलते परिवेश में दिए की जगह को अब…

भारतबोध का अभ्युदय और वामपंथ का उखड़ता कुनबा

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सूचना क्रांति ने भारत के करोड़ों नागरिकों के मन मस्तिष्क से उन जालों को हटाने का काम किया है जिसे वामपंथियों ने नकली बौद्धिक गिरोहबंदी से खड़ा कर दिया था। ध्यान से देखा जाए तो भारत अब भारतबोध के साथ जीना सीख रहा है। पश्चिमी मीडिया के लिए भारत के हिन्दू तत्व औऱ दर्शन सदैव उसी अनुपात में हिकारत भरे रहे हैं जैसे कि भारत के वाम बुद्धिजीवियों का बड़ा वर्ग प्रस्तुत करता आया हैं।

जाने इस बार के धनतेरस का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

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धनतेरस का त्यौहार कार्तिक मास के त्रयोदशी को मनाया जाता है और इसके साथ ही पांच दिन के त्यौहार की शुरुआत हो जाती है पहला धनतेरस, दूसरे दिन नरक चतुर्दशी, तीसरे दिन दिवाली, चौथे दिन गोवर्धन पूजा और पांचवें दिन भैया दूज का त्यौहार मनाया जाता है। इस बार धनतेरस का…

गोरक्षा-राष्ट्र रक्षा

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गो रक्षा से राष्ट्र रक्षा संभव है इसलिए हमारे देश में संतों ने युगों-युगों से गो रक्षा को सर्वाधिक महत्व दिया है। संतों ने अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देकर गो रक्षा में अपना अमूल्य योगदान दिया है। ध्यातव्य है कि प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान मंगल पाण्डेय ने भी…

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