राजस्थान में बदले की राजनीति !

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राजस्थान में अतिक्रमण के नाम पर हिन्दू आस्था को निशाना बनाया जा रहा है और प्राचीन मंदिरों को तोड़ा जा रहा है। गहलोत सरकार की तरफ से ऐसा कारनामा तब किया जा रहा है जब देश के बाकी हिस्सों में बुलडोजर तेजी से मजार और मस्जिद को तोड़ रहे हैं।…

स्त्री शक्ति और आस्था का पर्व गणगौर

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गणगौर का पर्व भक्ति श्रृंगार और लोकगीत से जुड़ा है, जिसके गीत जीवन में उमंग भरते है। साथ ही प्रकृति और संस्कृति को एक सूत्र में बांधते है। गणगौर हमें सभी को प्रेम के बंधन में जोड़ने की सीख भी देता है। गणगौर माता के गीतों में जीवन का हर…

शिक्षाप्रेमी जयगोपाल गाडोदिया

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अभाव और कठिनाइयों में अपने जीवन का प्रारम्भ करने वाले जयगोपाल गाडोदिया का जन्म 31 मार्च, 1931 को सुजानगढ़ (जिला चुरू, राजस्थान) में हुआ था। गरीबी के कारण उन्हें विद्यालय में पढ़ने का अवसर नहीं मिला। इतना ही नहीं, तो प्रायः उन्हें दोनों समय पेट भर भोजन भी नहीं मिलता…

नेताओं के बिगड़ते बोल का सिलसिला आख़िर थमता क्यों नहीं?

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कहीं हम रेप की संस्कृति को बढ़ावा तो नहीं दे रहे है? वर्तमान दौर में यह सवाल बहुत ही प्रासंगिक हो जाता है। अभी हाल ही में जयपुर विधानसभा में पुलिस और कारगार अनुदान मांगों के दौरान संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल का बयान शर्मसार करने वाला है। मंत्री धारीवाल…

कुंवर उदय सिंह के लिए पन्नाधाय का बलिदान

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महाराणा प्रताप की वीरगाथा तो सभी को पता है उनकी कविताएं और कहानियां भी बहुत मशहूर है जिन्हे सुन आज भी रक्त में ज्वार उठने लगता है। महाराणा उदय सिंह उसी वीर सपूत के पिता थे। महाराणा उदय सिंह का जन्म 4 अगस्त 1522 को राजस्थान के चित्तौड़गढ़ दुर्ग में हुआ था।…

पधारो म्हारे देस…

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राजस्थान क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा राज्य है। इसकी विशालता कई मायनों में सामने आती है । इसके शौर्य का इतिहास विशाल है, इसके मरूस्थल का फैलाव विशाल है, यहां के महल और हवेलियां विशाल हैं और यहां के लोगों के दिल भी विशाल हैं।

राजस्थानी वीरों की उज्ज्वल परम्परा

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सम्राट पृथ्वीराज चौहान युगाब्द 4268 (ईस्वी 1166, वि. 1223) में केवल 11 वर्ष की आयु में गद्दी पर बैठे तथा 26 वर्ष की आयु में उन्होंने वीरगति प्राप्त की।

नया अंदाज, नयी दिशा

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नया अंदाज, नयी दिशा । राजस्थान ! भारत का सबसे गरम राज्य। लगभग 3,500 चौ. मी. क्षेत्र पर फैले राजस्थान की आबादी लगभग 7 करोड है। कभी राजाओं का स्थान रहा यह राज्य पिछले कई वर्षों से बढते तापमान का शिकार बन गया है। पानी की समस्या और बढते तापमान की चिंता के बीच फसा हुआ राजस्थान फिर भी डटकर खडा है और मुकाबला कर रहा है।

धोरों की धरती के लोक देवता

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भारत भूमि के लिए विशिष्ट सम्बोधन है, देवभूमि। लोक से देवत्व तक की यात्रा इसी भूमि की थाती है। देवता यहां सर्वथा अलौकिक ही नहीं होते, जन की दैविक-दैहिक दुखहरण की शक्ति यहां लोक में से ही देवताओं की सृष्टि करती आयी है।

मीरा और पन्ना की धरती राजस्थान

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वीरों और पराक्रमियों की भूमि है राजस्थान और इसकी कोख से महान ललनाओं ने भी जन्म लिया है। इतिहास के पन्ने पलटना शुरू करते ही इन नारी‡रत्नों की एक के बाद एक गाथाएं सामने आने लगती हैं।

मारवाड़ियों के उत्थान की शिखर संस्था अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच

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सामाजिक क्षेत्र में देश में सबसे बड़ा योगदान मारवाड़ी समाज ने ही दिया है। ज्यादातर लोगों का मानना है कि मारवाड़ी समाज के लोग सिर्फ व्यापार‡उद्योग के क्षेत्र में ही सलग्न हैं, पर ऐसा नहीं है।

चलो चलें राजस्थान

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राजस्थान का जैसे ही नाम सामने आता है, उसके ऐतिहासिक, सांस्कृतिक महत्व सामने आते हैं। राजस्थान की माटी में इतना कुछ है कि यहां पर्यटन के लिए आने वाले लोग इसकी प्रशंसा करते नहीं थकते।

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