औद्योगिक ग्रहण की समाप्ति कब ? जून २०२०सप्ताह एक

हिंदी विवेक का यह अंक उद्योग व्यवसाय को समर्पित है। आप इसे ‘औद्योगिक विशेषांक’ भी कह सकते हैं। कोरोना और लॉकडाउन के संकट काल में उद्योग – व्यवसाय पर प्रतिकूल परिणाम हुआ है। इसलिए हमने कवर पृष्ठ पर भी यह सवाल उठाया है कि औद्योगिक ग्रहण की समाप्ति कब ? इस विशेषांक में स्मॉल,, माइक्रो, मीडियम एवं एमएसएमई क्षेत्र के उद्योगों की समस्याओं, परेशानियों, परिस्थितियों के संदर्भ में आलेख प्रकाशित किए गए हैं। इसके साथ ही समाधान बताने का भी प्रयास किया गया है। इस विशेषांक की विशेषता यह है कि एमएसएमई इंडस्ट्री से जुड़े एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अपना हाल स्वयं बयां किया है। और उन्होंने ही आलेख के माध्यम से सरकार से कुछ मांगे की है। उनका कहना यह है कि सरकार यदि उनके सुझावों और मांगों पर गौर फरमाती है तो अर्थव्यवस्था सहित उद्योगजगत फिर से बहुत जल्द ही पटरी पर आ जाएंगे। सरकार के राहत पैकेज पर भी उन्होंने सवाल उठाए हैं और उद्योग जगत को सरकार द्वारा सीधी मदद करने का आवाहन किया है। सुधार प्रक्रियाओं पर अमल करने से ही भव्य दिव्य भारत के नव निर्माण की नींव डाली जा सकती है। इसके अलावा ‘चीनी शतरंज के नेपाली – पाकिस्तानी प्यादे’ नामक शीर्षक से लिखी गई संपादकीय समसामयिक दृष्टि से बेहतरीन व ज्ञानवर्धक है।

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