हिंदी विवेक : WE WORK FOR A BETTER WORLD...

देश की थाली में उतरता चांद

Continue Reading

भारत बेशक अभी इंसान को सिर्फ अंतरिक्ष में भेजने का ख्वाब देख रहा है, उसकी आंखों से चंद्रमा पर इंसान को उतारने का सपना अभी दूर है, लेकिन उसका दूसरा चंद्रयान पृथ्वी के इकलौते प्राकृतिक उपग्रह यानी चंद्रमा की नई खोज के मिशन पर 22 जुलाई, 2019 को रवाना हो चुका है। एक दशक बाद ही दूसरा चंद्रयान भेजने के लिए भी कलेजा चाहिए। खास तौर से तब, जबकि हर कोई गरीबी का हवाला देकर हमारे स्पेस प्रोग्राम पर सवाल उठाता हो और खुद अमेरिका चांद पर दोबारा जाने की योजनाओं को लंबे अरसे तक स्थगित रख चुका हो।

देश को नई ताकत देता मिशन शक्ति

Continue Reading

आने वाले समय में जरूरी नहीं कि कोई जंग धरती पर लड़ी जाए, बल्कि उसका मैदान स्पेस (अंतरिक्ष) भी हो सकता है। इस लिहाज से भारत को अंतरिक्ष में भी सैन्य या युद्धक क्षमता से लैस होना होगा, जिसकी एक ठोस शुरुआत मिशन शक्ति से हो गई है। आने वाले वक्त में अंतरिक्ष में चुनौतियां कितनी बढ़ने वाली हैं,

विज्ञान-तकनीक के नए आसमान पर भारत

Continue Reading

   वर्तमान केंद्र सरकार के कार्यकाल में खास तौर से विज्ञान और तकनीक के मामले में देश ने जो कुछ हासिल किया है, वह उल्लेखनीय है। अंतरिक्ष बाजार में देश ने अपनी ताकत दिखा दी है। कैशलेस लेनदेन में भारी इजाफा हुआ है। अब देश आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मदद से हथियारों के विकास में भी कदम रख रहा है।

End of content

No more pages to load

Close Menu