नया भारत और सामाजिक समरसता
गुलामी में रहने की यदि आदत पड़ जाए तो मालिक कौन, इसका कोई बहुत विचार नहीं करता है। गुलामी में...
गुलामी में रहने की यदि आदत पड़ जाए तो मालिक कौन, इसका कोई बहुत विचार नहीं करता है। गुलामी में...
भास्करराव (मुंडले), ‘भास्करमय’ जीवन जी कर, उनके सम्पर्क में आने वाले हर किसी को प्रकाश देकर अपना जीवन कृतार्थ कर...
2019 के चुनाव सामान्य व्यक्ति की असामान्य शक्ति के द्योतक हैं। यह एक अहिंसक लोकतांत्रिक क्रांति है। सामान्य व्यक्ति ने...
भारतीय जनता पार्टी के विजय को ऐतिहासिक विजय कहा जा रहा है। ऐसे क्यों है? इसका उत्तर यह है कि...
भोपाल में साध्वी प्रज्ञा सिंह ने कहा कि जिस दिन मैं कारावास में गई थी, उस दिन से सूतक शुरू...
“मोदी ने पांच साल में क्या किया यह प्रश्न पूछा जाता है। उसका एक वाक्य में उत्तर है डरपोक हिंदू...
डॉ. हेडगेवारजी ने कांग्रेस के सभी गतिविधियों में भाग लिया था।गणतंत्र दिवस के दौरान सभी संघ कार्यालयों पर...
हमारी संस्कृति हमें बताती है, ‘मातृदेवो भव, पितृदेवो भव, आचार्यदेवो भव’-माता, पिता एवं आचार्य (गुरू) ये देवता स्वरूप हैं। इसमें...
संविधान ने हमें हमारा सार्वभौमत्व प्रदान किया है। उसमें समता, स्वतंत्रता, जीने का अधिकार, कानून का राज, उपासना की स्वतंत्रता,...
“समाज का जाति अनुसार विचार करने वाले प्रगतिशील महानुभावों द्वारा संघ को मनुवादी कहते देखकर मेरे क्रोध की सीमा न...
संघ के तृतीय वर्ष समापन समारोह को लेकर कांग्रेसी और वामपंथी भले ही हो-हल्ला करते रहे पर उस मंच पर...
दलित, Dalit, आंदोलन protest रमेश पतंगे Ramesh patange
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