प्रेम-अद्भुत सामर्थ्य, जहाँ प्रेम होता है वहाँ परमात्मा भी जीव के बस में हो जाते हैं। प्रेम में अद्भुत सामर्थ्य...
"क्रिया", "विचारणा" एवं "भावना" के तीनों ही क्षेत्रों में एकरूपता हो तो मनुष्य असामान्य व्यक्तित्व का स्वामी बन सकता है।...
कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन। मा कर्मफल हेतु: भू: ते संग: अस्तु अकर्मणि।। भगवतगीता 2.47 भगवतगीता का यह श्लोक लगभग सभी...
हर कुछ दिनों बाद हिन्दु नवयुवती की खबर आती है, आत्महत्या या हत्या?? तथा ज्यादातर इसमें मुस्लिम युवक और हिन्दु...
स्वयंसेवक बहुत बड़ी संख्या में गृहस्थाश्रमी हैं। देश के हर अंचल में व जन जीवन के हर क्षेत्र में विद्यमान हैं।...
सुसंस्कारिता जिसे मिली उसने वह सब कुछ पा लिया जिसे पाकर मनुष्य जीवन का अमृतोपम रसास्वादन करने का अवसर मिलता...
जीव की प्रेतवत् अवस्था, पंचप्राणों एवं उपप्राणों के स्थूल देह संबंधी कार्य की समाप्ति दर्शाती है । जिस समय जीव...
हम सबके जीवन में पर्यटन का विशेष महत्व है। इस दुनिया में हम आए हैं तो देश-दुनिया को निकट से...
गुरु गोविन्द सिंह के साहबजादों को दी गई क्रूर यातनाओं और बलिदान का स्मृति दिवस दिसम्बर माह की 21 से...
"तृष्णा" आदमी को जरूरत से ज्यादा धन - दौलत और सुविधाओं को इकट्ठा करने के लिए उकसाती रहती है ।...
१९ मार्च, २०१७ को रविवार था। भारतीय तिथि के अनुसार चैत्र कृष्ण सप्तमी थी। इस दिन लखनऊ के काशीराम स्मृति...
-लोकसभा के अंदर एक सवाल पूछा गया था कि क्या श्रीमद्भगवद्गीता को स्कूलों के पाठ्यक्रम में लागू किया जाएगा ?...
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