कॉलेजों के नामांकन में चौथे स्थान पर पहुंचा बिहार

Continue Readingकॉलेजों के नामांकन में चौथे स्थान पर पहुंचा बिहार

उच्च शिक्षण संस्थानों में नामांकन के मामले में बिहार देश में चौथे स्थान पर पहुंच गया है। यह उसकी बड़ी छलांग मानी जा रही है। नामांकन बढ़ने की वजह से शैक्षणिक सत्र 2020-21 में बिहार के सकल नामांकन अनुपात (जीआइआर) में रिकॉर्ड पांच फीसदी का इजाफा हुआ है। जीआइआर बढ़ाने…

मछली को जीआइ टैग दिलाने की पहल शुरू

Continue Readingमछली को जीआइ टैग दिलाने की पहल शुरू

जून में बिहार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग केंद्र को भेजेगा प्रस्ताव बिहार सरकार मिथिला की रोहू और सोन की कतला मछली को जीआइ टैग दिलाने की तैयारी में जुट गई है। पीएम मत्स्य संपदा योजना के तहत पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने स्कीम पर काम शुरू कर…

मुख्यधारा से क्यों पृथक है मुस्लिम बस्तियां

Continue Readingमुख्यधारा से क्यों पृथक है मुस्लिम बस्तियां

मुसलमानों को हमेशा देश की मुख्य धारा से कांग्रेस ने पृथक करके रखा। यह मुसलमान की बस्ती। यह हिन्दू की बस्ती। मरहूम शायर राहत इंदौरी ने लिखा — ''किसी के बाप का हिन्दुस्तान थोड़े है।'' फिर हिन्दू बस्ती और मुसलमान बस्ती की रट पूरा सेकुलर इको सिस्टम क्यों लगा रहा…

अद्भुत सहरसा जिले में कभी होती थी नील की खेती

Continue Readingअद्भुत सहरसा जिले में कभी होती थी नील की खेती

पर्यटन के नजरिये से जब कभी बिहार घूमने की बात होती है, तो कुछेक नाम ही जुबां पर आते हैं, जैसे गया, राजगीर, दरभंगा आदि। लेकिन, इससे इतर जाएं, तो यहां कई ऐसी जगहें भी हैं, जो ऐतिहासिक महत्व की हैं और उन्हीं में से एक सहरसा जिला भी है।…

बाबू जगजीवनराम और सामाजिक समरसता

Continue Readingबाबू जगजीवनराम और सामाजिक समरसता

हिन्दू समाज के निर्धन और वंचित वर्ग के जिन लोगों ने उपेक्षा सहकर भी अपना मनोबल ऊंचा रखा, उनमें ग्राम चन्दवा (बिहार) में पांच अप्रैल, 1906 को जन्मे बाबू जगजीवनराम का नाम उल्लेखनीय है। उनके पिता श्री शोभीराम ने कुछ मतभेदों के कारण सेना छोड़ दी थी। उनकी माता श्रीमती बसन्ती देवी…

घर-घर तैयार किए जाते हैं सजावटी फूल

Continue Readingघर-घर तैयार किए जाते हैं सजावटी फूल

  एक ऐसा गांव, जहां कागज के फूल खिलते हैं। रंग-बिरंगे कागज से बने फूल मंदिरों से लेकर शादी के मंडप तक की शोभा बढ़ाते हैं। कागज की लड़ी, क्रिसमस ट्री, गुलाब, कमल, सूर्यमुखी, गेंदा, कमल के अलावा और भी बहुत कुछ तैयार किए जाते हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले…

चारा घोटाला में लालू यादव को सजा के मायने

Continue Readingचारा घोटाला में लालू यादव को सजा के मायने

बहुचर्चित चारा घोटाले का यह पांचवां मामला है जिसमें बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव दोषी करार दिए गए।

झारखंड के डोरंडा कोषागार से 139 करोड़ 35 लाख रुपए की अवैध निकासी में 75 लोग दोषी पाए गए। इसके पूर्व देवघर,  चाईबासा, डोरंडा कोषागार का एक मामला और दुमका मामले में उन्हें सजा हो गई थी। पिछले वर्ष मिली जमानत पर हुए अभी बाहर थे। पूरा मामला न्यायालय में जिस दिशा में जा रहा था उसमें साफ था कि लालू यादव भले जमानत पर छूटे हो लेकिन उन्हें राहत नहीं मिलने वाली। वास्तव में चारा घोटाले में सजा के कारण ही लालू यादव चुनावी राजनीति से बाहर हो गए।

जुलाई 2013 में उच्चतम न्यायालय ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में 2 वर्ष से ज्यादा सजायाफ्ता के लिए चुनाव लड़ने का निषेध कर दिया। लालू यादव को सितंबर 2013 में सजा मिली और वह वंचित हो गए। अगर उच्चतम न्यायालय का फैसला नहीं होता तो वे जेल के अंदर से भी चुनाव लड़ते और इस समय शायद राजनीति में एक सांसद या विधायक के विशेषाधिकार के साथ सक्रिय होते।सच कहा जाए तो चारा घोटाले में मिली सजा ने लालू यादव का व्यक्तिगत राजनीतिक कैरियर नष्ट कर दिया। यही नहीं बिहार की राजनीति में भी इसने परिवर्तनकारी भूमिका निभाई तथा राष्ट्रीय राजनीति तक इसकी प्रतिध्वनि पहुंची।

(more…)

950 करोड़ का चारा घोटाला और 26 साल से चल रही जांच, लालू यादव दोषी करार

Continue Reading950 करोड़ का चारा घोटाला और 26 साल से चल रही जांच, लालू यादव दोषी करार

साल 2022 एक बार फिर से लालू यादव के लिए हितकारी नहीं होने वाला है। रांची की सीबीआई कोर्ट ने लालू को चारा घोटाले मामले में दोषी करार दिया है जिस पर 21 फरवरी को फैसला सुनाया जाएगा। चारा घोटाले में इससे पहले भी सुनवाई हुई है जिसमें लालू यादव…

जेवर एयरपोर्ट देगा उत्तर प्रदेश को एक नई उड़ान

Continue Readingजेवर एयरपोर्ट देगा उत्तर प्रदेश को एक नई उड़ान

किसी भी राज्य का यातायात उसकी विकास की कहानी लिखता है शायद इसी तर्ज पर देश की योगी और मोदी सरकार अब उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने पर लगी हुई है। उत्तर प्रदेश का नाम माफिया लोगों की वजह से हमेशा चर्चा में रहता था लेकिन जब योगी की…

मनोकामना पूर्ति का व्रत छठ महापर्व

Continue Readingमनोकामना पूर्ति का व्रत छठ महापर्व

छठ पूजा में सूर्य देव और छठी मैया की पूजा का प्रचलन और उन्हें अर्घ्य देने का विधान है। इस दिन सभी महिलाएं नदी, तालाब या जलाशय के तट पर सूर्य को अर्घ्‍य देकर उसकी पूजा करती है। यह पर्व 4 दिनों तक मनाया जाता है। 8 नंबर से ही…

छठ का नाम सुनते ही क्यों इमोशनल हो जाते हैं बिहारी

Continue Readingछठ का नाम सुनते ही क्यों इमोशनल हो जाते हैं बिहारी

''यार, ये छठ का नाम सुनते ही तुम बिहारी लोग इतने इमोशनल क्यों हो जाते हो? मैनेजर की रिस्पॉन्सिबल पोस्ट पर पहुंच कर भी लेबर क्लास टाइप हफ्ता भर की छुट्टी मांगने चले आते हो. पता नही इस छठ में ऐसा क्या है कि तुम लोग ओवर रिएक्ट करने लगते…

हिंदू धर्म : पारम्परिक आर्थिक सुरक्षा का सबसे सशक्त आधार

Continue Readingहिंदू धर्म : पारम्परिक आर्थिक सुरक्षा का सबसे सशक्त आधार

एक 'अखबार' में एक खबर पढ़ी जिसके अनुसार आज मेरे शहर में अनुमानित रूप से ढ़ाई लाख झाङू बिकेंगे। अब आप सोचिए कि इसे बनाने के व्यवसाय में जो भी लोग संलग्न होते हैं वो आर्थिक और सामाजिक संरचना की दृष्टि से किस पायदान पर खड़े होते हैं। इसी 'दीवाली'…

End of content

No more pages to load