लाखों हिंदुओं का बलिदान और 76 युद्ध –

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1528 में बाबर द्वारा अयोध्या में श्री राम मंदिर तोड़कर निर्माण की गई मस्जिद के विरोध में हिंदुओं का आंदोलन आरंभ हो गया था। इन पांच सौ वर्षों में अबतक हिंदुओं ने मंदिर की मुक्ति के लिए कोई 76 युद्ध लड़े और कई आंदोलन भी हुए। इनमें लाखों हिंदुओं का बलिदान हुआ। इन बलिदानों व आंदोलनों के कारण ही आज भगवान श्री राम भव्य मंदिर बन रहा है।

खाकी-खादी-क्राइम का काकटेल 

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उत्तर प्रदेश का गैंगस्टर विकास दुबे खाकी, खादी और क्राइम के मिश्रण की सबसे नग्न मिसाल है। कहते हैं कि ऐसा संगठन ढूंढना मुश्किल है जो विकास दुबे के टुकड़े पर न पला हो। खाकी, खादी और क्राइम का ऐसा काकटेल अन्य राज्यों में भी है। आखिर इससे कैसे पार होइएगा?

प्रवासी मजदूरों पर दांव -पेंच

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लॉकडाउन में प्रवासी मजदूरों की स्थिति पर मद्रास उच्च न्यायालय और बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच ने भी चिंता जताई। मद्रास हाईकोर्ट ने कहा कि मजदूरों के हालात देखकर कोई अपनी आंख से आंसू नहीं रोक सकता है। यह और कुछ नहीं एक मानवीय त्रासदी है। कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रवासी मज़दूरों का ध्यान रखना स़िर्फ मूल राज्यों का ही नहीं बल्कि उन प्रदेशों का भी कर्तव्य है, जहां वे काम करते हैं।

संतों की हत्या और विकृत राजनीति

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पालघर और बुलंदशहर में हुई संतों की बीभत्स हत्याओं पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच ट्विटर पर ठन गई।

देश को लूट लिया इन घोटालेबाजों ने

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जिस देश में बैंक का कर्ज चुका न पाने के कारण एक तरफ किसान आत्महत्या को बाध्य होते हों वहां बैंकों को हजारों करोड़ की चपत लगाने वाले पूंजीपति कानून को ठेंगा दिखाते हुए भोग-विलास कर रहे हों तो बात सोचने की हो जाती है। हर्षद मेहता, केतन पारेख से लेकर नीरव मोदी और मेहुल चोकसी तक ऐसे घोटालेबाजों की सूची पहुंचती है।

क्या प. बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगेगा?

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अगर बंगाल में ऐसे ही हालात रहे तो केंद्र को हस्तक्षेप करना पड़ सकता है, और धारा 356 के तहत राष्ट्रपति शासन लागू किया जा सकता है। अब देखना है कि आगे राज्य के सियासी हाल क्या रहते हैं और ऊंट किस करवट बैठता है।

भारतीय राजनीति में खलबली

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आम चुनाव के नतीजों के बाद भारतीय राजनीति में इस समय खलबली है। एक तरफ कांग्रेस में इतनी बुरी हार से हाहाकार मचा हुआ है तो दूसरी ओर ऐतिहासिक जीत से बम-बम भाजपा में शामिल होने के लिए पश्चिम बंगाल में तृणमूल और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की लाइन लगी हुई है

भाजपा और एनडीए ऐतिहासिक जीत की ओर

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लोकसभा चुनाव के निरंतर आ रहे रूझानों से सिद्ध हो रहा है कि मोदी का मैजिक लोगों के सिर चढ़ कर बोला है। एक मजबूत, दृढ़ संकल्प वाली केंद्र सरकार के पक्ष में राज्यों की समूची हिन्दी पट्टी से राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस पार्टी का न केवल सूपड़ा साफ हो गया है अपितु जाति-धर्म की दीवारें एक बार फिर दरक गईं हैं।

बिहार रचेगा नया इतिहास

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सारे विरोधी, विपक्षी दल मोदी से लड़ रहे हैं। उनकी वापसी रोकने के मुद्दे पर सब एक हैं। भले ही महागठबंधन बनाने के उनके प्रयास निजी स्वार्थ और हितों की भेंट चढ़ गए। बहरहाल, उ.प्र. में बुआ-बबुआ का गठजोड़ नए समीकरण बना रहा है, जबकि बिहार एनडीए को इतनी सीटें देगा कि नया इतिहास रचेगा।

आम चुनाव किस के ताबूत की आखरी कील

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माना जाता है कि चुनाव में यदि सत्ता विरोधी लहर पैदा होती है तो इससे विपक्ष को फायदा होता है। लेकिन, नोटा विपक्ष की इस उम्मीद को ढहाने का काम भी करता है।

राम मंदिर परसियासी दांवपेच

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विहिंप और संतों ने राम मंदिर को लेकर प्रत्यक्ष आंदोलन चुनाव तक स्थगित कर दिया है। इसलिए भी कि केंद्र ने अविवादित और अधिग्रहीत 67 एकड़ जमीन मूल मालिक याने राम जन्म भूमि न्यास को लौटाने के लिए अदालत में आवेदन किया है। इससे विरोध-प्रतिरोध के बावजूद किसी बड़े हंगामे…

पुनर्जीवित हो रही अयोध्या

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राम मंदिर निर्माण को लेकर न्यायिक प्रक्रिया या राजनीतिक दांवपेंच जो भी चले, त्रेता युग की अयोध्या को एक बार फिर पुनर्जीवित करने का प्रयास शुरू हो गया है। अयोध्या में राम मंदिर का मामला एक बार फिर गर्म है। भारतीय जनता पार्टी, शिवसेना और हिंदुत्ववादी संगठनों के नेताओं सहित…

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