सूर्य ग्रहण एवं प्राकृतिक आपदाएं

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सूर्य और राहु की युति से अभी 3 महीने तक प्राकृतिक आपदाओं का दौर जारी रहेगा और भारतवर्ष के लिए यह समय अस्थिरता से भरा रहेगा। प्राकृतिक आपदाओं एवं अमंगल की स्थिति बनी रहेगी। सावधानी अपेक्षित है।

राजस्थान की गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाए – गिरीश भाई शाह, समस्त महाजन संस्था

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राजस्थान की गोशालाओं को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनूठे प्रयोग के तहत सभी गोशालाओं की गोचर भूमि व तालाब विकसित किए जाए और देशी वृक्षारोपण हो जाए तो कमाल हो जाएगा।

कोरोना का मन पर भी बुरा असर

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कोविड-19 के संकट के दौरान सहज बने रहें, आवश्यक सावधानियां बरतते रहें तथा इस महामारी के बाद अपने जीवन के लिए खुद को कैसे तैयार करना है, इसकी तैयारी भी करें। महामारी के इस वर्तमान दौर में शरीर और मन को स्वस्थ रखने के नए दिशानिर्देशों को अपनाना बहुत जरूरी है।

धोखेबाज चीन को सबक सिखाने का मौका

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चीन लिखित वचन में कुछ और अंतर्मन में कुछ का चरित्र रखता है, इसलिए वह कभी भी पलट सकता है। गलवान घाटी में झड़प इसी का नतीजा है। इस झड़प में हमारे 20 सैनिकों ने अपनी जान देकर इतिहास का ऐसा अध्याय लिख दिया है, जिससे चीन जान चुका है कि यह 2020 का भारत है, दब्बू भारत नहीं।

चीन की प्रकृति है, दगाबाजी व दोगलाई

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चीन की दोगलाई कूटनीति तमाम राजनीतिक मुद्दों पर साफ दिखाई देती है। चीन बार-बार जो आक्रामकता दिखा रहा है, इसकी पृष्ठभूमि में उसकी बढ़ती ताकत और बेलगाम महत्वाकांक्षा है। यह भारत के लिए ही नहीं दुनिया के लिए चिंता का कारण बनी हुई है।

आत्मनिर्भरता ही चीन से प्रतिकार का अस्त्र

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गलवान घाटी की घटना से अहंकारी चीनी नेतृत्व को यह पता चलना ही चाहिए कि उसे धोखेबाजी की कीमत चुकानी ही पड़ेगी। इसका एक रास्ता आर्थिक-व्यापारिक मामलों में चीन पर निर्भरता कम करना है। इसके लिए आवश्यक है, ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान एक बड़ा लक्ष्य बने।

मेघदूत का टी.ए. बिल

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“ऑडिटर कालिदास से बोले, ‘सर, आपकी रचनाएं तो समयमान-वेतनमान में नहीं, युगांतर में भी पाठकों के आकाश में यात्रा करती रहेंगी।’ कालिदास प्रमुदित थे। ऑडिट में साहित्य रस का ऐसा योग? ऑडिटर के सत्कार के बाद कालिदास विदा हुए तो ऑडिट की आपत्तियां भी विदा हो गईं।”

राष्ट्रहित में नकार भी आवश्यक

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अब आम जनता ने घटनाओं का विश्लेषण करना शुरू कर दिया है, अत: यह आवश्यक है कि इस बात का भी विचार किया जाए कि जो घटनाएं घटित हो रही हैं उनमें हमारी क्या भूमिका हो सकती है। यह सही है कि देश का हर व्यक्ति सीमा पर जाकर युद्ध नहीं कर सकता और न ही बॉलीवुड में लॉबिंग कर रहे लोगों का गिरेबान पकड़कर यह नहीं पूछ सकता कि तुम्हें किसी की प्रतिभा को मारने का हक किसने दिया? परंतु आम नागरिक के पास सबसे अच्छा हथियार है, नकार।

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