जिस प्रकार नेत्रहीन के लिए सारा संसार अंधकारपूर्ण रहता है, सुंदर दृश्यों तथा रंगों के आनंद से वह वंचित रह...
शिक्षा का अंतिम लक्ष एक स्वतंत्र रचनात्मक व्यक्ति होना चाहिए, जो ऐतिहासिक परिस्थितियों और प्रकृति की प्रतिकूलताओं से लड़ सके:...
लाहौर के प्रोफेसर ख़्वाजा दिल मुहम्मद ने 1944 में भगवद गीता का उर्दू में पद्यानुवाद किया था। अभी भी मेरे...
धर्माचार्यों को राजनीति और संपत्ति पर कब्जे के केस लड़ने से ही फुर्सत नहीं, समाज पूरी तरह से गर्त में...
अपने बच्चों को हरहाल में मेडिकल और आर्इटी कॉलेजों में प्रवेश की यह महत्वाकांक्षा रखने वाले पालक यही तरीका अपनाते...
एक ओर यहूदियों पर किए गए बर्बर अत्याचार के कारण आज जर्मनी में हिटलर का कोई नामलेवा भी नहीं बचा...
जामिया से पढ़ी और यूपीएससी में टॉप करने वाली श्रुति शर्मा खुलेआम कह रही हैं कि - ''आर्य आक्रमणकारी थे।''...
वीर सावरकर कितने दूरदर्शी थे इसकी मिसाल उनकी इस बात से ही लगाई जा सकती है कि उनका कहना था...
जाने वेदों में रत्ती भर भी मिलावट क्यों नहीं हो सकी ? जब कोई सनातनी ये बताने की कोशिश करता...
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की वापसी के बाद पहले बजट सत्र से पूर्व नये विधायकों के लिए प्रशिक्षण सत्र...
भारत में शिक्षा की मौलिक अवधारणा है कि शिक्षा मानव की अन्तर्निहित शक्तियों का प्रकटीकरण है, न कि केवल छात्र...
उच्च शिक्षण संस्थानों में नामांकन के मामले में बिहार देश में चौथे स्थान पर पहुंच गया है। यह उसकी बड़ी...
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