उनकी परम चेतना ही समस्त हिन्दू समाज को निरंतर उत्प्रेरित करेगी और हिन्दू धर्म की रक्षा के लिए सदैव सन्नद्ध...
हिन्दुत्व जागरण के प्रखर तेजपुंज आचार्य धर्मेन्द्र परमात्म तत्व में विलीन हो गये। आचार्य धर्मेन्द्र के विशिष्ट शैली के ओजस्वी...
इस प्रकार से देखा जाए तो पितृपक्ष और श्राद्ध में हम न केवल अपने पितरों का श्रद्धापूर्वक स्मरण कर रहे...
कभी कभी लगता है कि ईश्वर जानबूझ कर आसुरी शक्तियों को प्रभावी होने देते हैं, ताकि मनुष्यों को संघर्ष का...
ऐसा विश्वास है कि जिस मृतक के लिए पिंडदान नहीं होता अथवा जिसके लिए सोलह श्राद्ध नहीं होते, वह सदा...
स्वामी जी ने जब शिकागो में अपने विचारों को व्यक्त करते हुए कहा था कि राष्ट्रवाद का मूल, धर्म व...
कर्मानुसार यथोचित योनियां भुगताकर फिर कभी किसी समय नये सिरे से मनुष्य योनि प्रदान करेंगे,जिससे वह पहले समय किये हुए...
बाबा ने देश भर में 12 प्रमुख मन्दिर बनवाये। उनके देहान्त के बाद भी भक्तों ने 9 मन्दिर बनवाये हैं। इनमें मुख्यतः हनुमान् जी...
प्रतिवर्ष आश्विन कृष्ण पक्ष में पितरों की प्रसन्नता अर्थात् अपने परिवार के किसी भी उम्र के दिवंगत...
क ब्राह्मण ही है जिस पर सारे हमले पहले हुए मुगलों ने पहला आक्रमण मंदिरों और पुजारियों पर किया अंग्रेजों...
रिलीजन या पंथ मजहब धर्म नहीं हैं। वे विश्वास हैं। रिलीजन या मजहब के विश्वासों पर प्रश्न संभव नहीं है।...
इस तरह... जब घंटे को बजाया जाता है तो.... उसकी ध्वनि हमारे .... दिमाग में दोनों भागों ( दाहिना और...
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