मुसलमानों को भारतीयत्व अपनाना होगा

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भारत में रहने वाले हिंदुओं का अब यह कर्तव्य है कि वे अपने श्रद्धा स्थानों को दासता के चंगुल से मुक्त कराने का बीड़ा उठाएं, जिससे आनेवाली पीढ़ियां अपना सही इतिहास जान सकें। अब भी अगर हिंदू अपनी आंखें मूंदे बैठे रहे, अपने आस-पास रातभर में बन जाने वाली मजारों पर कुछ नहीं बोले और अपने श्रद्धा स्थानों और अपने प्रतीकों को मुक्त करने के लिए उद्यत नहीं हुए तो शिव को शव बनाने के जो प्रयत्न अभी असफल रहे हैं, वे आगे सफल भी हो सकते हैं। 

क्रान्ति पुरोधा जोधासिंह अटैया

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भारत की स्वतन्त्रता का पावन उद्देश्य और अदम्य उत्साह 1857 की महान क्रान्ति का प्रमुख कारण ही नहीं, आत्माहुति का प्रथम आह्नान भी था। देश के हर क्षेत्र से हर वर्ग और आयु के वीरों और वीरांगनाओं ने इस आह्वान को स्वीकार किया और अपने रक्त से भारत माँ का…

वसुधैव कुटुंबकम् की अलख जगाता ‘सेवा इंटरनेशनल’

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‘सेवा इंटरनेशनल’ के कार्यकर्ता भारतीयों के साथ-साथ अफ्रीकन, मलेशिया, सिंगापुर आदि देशों के लोगों की भी मदद कर रहे हैं। युद्ध के दौरान ही ‘सेवा इंटरनेशनल’ ने रूसी सैन्य हमले के बीच यूक्रेन के सूमी से नाइजीरिया के 367 तथा नामीबिया, जाम्बिया एवं दक्षिण अफ्रीका से 100 अन्य छात्रों सहित कुल 467 अफ्रीकी छात्रों को बाहर निकाला।

खगोलशास्त्री आर्यभट : गणित एवं खगोल के हिमालय

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खगोलशास्त्र का अर्थ है ग्रह, नक्षत्रों की स्थिति एवं गति के आधार पर पंचांग का निर्माण, जिससे शुभ कार्यों के लिए उचित मुहूर्त निकाला जा सके। इस क्षेत्र में भारत का लोहा दुनिया को मनवाने वाले वैज्ञानिक आर्यभट के समय में अंग्रेजी तिथियाँ प्रचलित नहीं थीं।  अपने एक ग्रन्थ में…

इस तरह चीन को घेर रहा भारत

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हाल ही में एक खबर आई थी कि नाइजीरिया ने अपने तटीय क्षेत्र की सुरक्षा के लिए भारत से शिवालिक श्रेणी की 940 मिलियन डॉलर में 6 फ्रिगेट खरीदी। इसके पहले एक और खबर सामने आई थी कि ब्रह्मोस मिसाइल के लिए फिलीपींस तो स्वदेश निर्मित तेजस के लिए मलेशिया…

राष्ट्रीय चरित्र विकास को प्राथमिकता देकर राष्ट्र का विकास

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प्रत्येक माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा जाति या पंथ की परवाह किए बिना एक बेहतर व्यक्तिगत चरित्र विकसित करे।  जब मैं व्यक्तिगत चरित्र कहता हूं, तो मेरा मतलब ईमानदारी, अखंडता, लक्ष्य प्रतिबद्धता, सामाजिक प्रबुद्धता और कई अन्य जरुरी लक्षण विकसित करना है।  हालांकि, हमारी महान संस्कृति की उपेक्षा और…

पर्व त्यौहारों की विविधता है भारत की पहचान

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पोंगल,जल्लीकट्टू,कम्बाला,पोळा,सोहराय,सोनहाना आदि आदि परब त्योहार पशुधन को समर्पित परब है जो कृषि प्रधान भारत वर्ष को विविधता के साथ संस्कृति के एक सूत्र में बाँधने का काम करता है।.. कोई एक साथ ही दीपावली मना रहा तो कोई सोहराय तो कोई काली पूजा, तो कोई कुछ और, कहीं कोई समस्या…

ड्रग्स के भयानक दुष्चक्र से देश को बचाना जरूरी

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नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो यानी एनसीबी की रेव पार्टी कार्रवाई को लेकर खड़ा किए गए विवाद तथा नवाब मलिक बनाम समीर वानखेडे प्रकरण को अलग रखकर विचार करिए तो सच्चाई यही है कि हमारा देश मादक पदार्थों यानी ड्रग्स के विध्वंसक दुष्चक्र में फंसता जा रहा है। एनसीबी ने पिछले डेढ़…

हार न मानने वाले भारतीय वैज्ञानिक

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अंग्रेजों के मन में भारतीय वैज्ञानिकों के प्रति उपेक्षा का भाव इतना अधिक गहरा था कि भारत की समृद्ध वैज्ञानिक विरासत और आजादी के संघर्ष काल में जगदीश चंद्र बसु, प्रफुल्ल चंद्र राय और सी.वी. रामन जैसे प्रतिभाशाली विज्ञानियों के वैज्ञानिक शोध व चिंतन को नकारने की उन्होंने पूरी कोशिश की। लेकिन प्रतिभा का दमन भला कब तक किया जा सकता है। ब्रिटिश शासन की उपेक्षा और तिरस्कार ने हमारे वैज्ञानिकों को और ज्यादा कठोर विज्ञान साधना करने को प्रेरित किया और फिर आगे चलकर उनके ज्ञान का लोहा पूरी दुनिया ने माना।

विक्रम साराभाई ने कैसे की थी इसरो की स्थापना?

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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र यानी इसरो (ISRO) यह भारत का अंतरिक्ष संस्थान है जहां से अंतरिक्ष के लिए काम किया जाता है और रॉकेट अंतरिक्ष में भेजे जाते है। इस संस्थान में करीब 17 हजार से अधिक कर्मचारी व वैज्ञानिक काम करते है लेकिन क्या आप ने कभी यह सोचा है कि…

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