राम मंदिर निर्माण में सहयोग के लिए तैयार हिंदू संगठन

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अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बन रहा है और इसके लिए पूरी दुनिया से सहयोग मिल रहा है। राम भक्त अपनी क्षमता अनुसार धन और समय दोनों दे रहे है। राम मंदिर के लिए तमाम संगठन जागरुकता अभियान भी चला रहे है और घर घर जाकर लोगों को राम…

कोहरे में कोरोना

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स्मॉग के रास्ते कोरोनावायरस हमारे सांस और फेफड़ों में पहुंच सकते हैं, जो इनके संक्रमण का असली पड़ाव और आश्रय स्थल है। इसलिए जरूरी है कि वैक्सीन या कारगर दवाई आने तक सभी लोगों द्वारा सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी हिदायतों का सख्ती से पालन किया जाए। मास्क स्मॉग के साथ-साथ कोरोनावायरस के प्रवेश को भी रोकेगा। हाथों को साबुन से धोना और दो गज की दूरी तो है ही जरूरी।

स्वर्ग से सुंदर देवभूमि उत्तराखंड

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अतीत की गौरवशाली परंपरा और विरासत में मिली संस्कृति-संस्कार के दम पर अपने आत्मविश्वास और पराक्रम के पंख लगाकर वर्तमान राज्य सरकार भविष्य की उड़ान भरने के लिए सिद्ध हो रही है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उम्मीद जताई है कि विकास, प्रगति, पर्यटन, पर्यावरण आदि क्षेत्रों में उत्तराखंड राज्य आदर्श वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित होगा।

वक्त हर जुर्म तुम्हें लौटा देगा

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पर्यावरण दो शब्दों के मेल से बना है। परि और आवरण। परि अर्थात अच्छी तरह और आवरण अर्थात संरक्षीत। दूसरे शब्दों मे हम यह कह सकते हैं कि पर्यावरण हमारी पृथ्वी का एक ऐसा आवरण या रक्षा कवच है जो हमारे समस्त जीवों को पहाड़ों, नदियों, सागरों और वनों की अनुकुल प्राकृतिक परिस्थितियां और वायु मण्डल में सांस लेने योग्य प्राणवायु की पर्याप्त उपस्थिती के योग से निर्मित होता है।

जयपुर की गणेशपुरी बस्ती के लिए स्वंय सेवक बने भगवान!

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देश में जब भी कहीं पर आपदा आती है तो राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के कार्यकर्ता वहां जरुर होते है। चाहे कितनी भी विकट परिस्थिति क्यों ना हो लेकिन संघ के कार्यकर्ता कभी भी अपने कर्म से पीछे नही हटते है। जब पूरा देश कोरोना से जंग लड़ रहा था,…

पर्यावरण सरंक्षण और भारतीय मूल्य

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समय आ गया है कि हम अपनी विकास प्रक्रिया में, पर्यावरण के प्रति अपनी चिंता को अपनी योजनाओं और नीतियों के साथ प्रारंभ से ही जोड़े रखें और इसके लिए हमें अपने पर्यावरण प्रभाव आकलन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना होगा। बेहतर तालमेल और सभी संबंधित पक्षों के साथ सूचना को तुरन्त साझा करने के लिए आवश्यक है कि तकनीकी उपकरणों का लाभ उठाया  जाए और ई-गवर्नेंस प्रक्रिया को अपनाया जाए और संस्थागत जड़ता को तोड़ा जाए ताकि अधिक कुशलतापूर्वक निर्णय लिए जा सके।

धरती बार-बार दे रही खतरे की घंटी

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इंसान पहला जीव है जिसने आग पर नियंत्रण रखना सीखा। आग ने ही इंसान को इंसान बनाया है। लेकिन, आज इतनी ज्यादा मात्रा में और इतनी ज्यादा तरीके से आग जलाई जा रही है, ईंधन जलाया जा रहा है कि धरती का तापमान लगातार गरम होता जा रहा है। यह पूरी मानव जाति के लिए खतरे की घंटी है।

जनजाति के लिए प्रकृति ही धर्म है

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पश्चिमी सभ्यता की चकाचौंध में अपने देश की प्राचीन सभ्यता से कहीं भटकने का डर हमें अस्वस्थ कर रहा है। ऐसी स्थिति में केवल जनजाति समाज और उसकी आदर्श पर्यावरण पूरक जीवनशैली ही हमें फिर से अपने मूल मार्ग पर लाने के लिए सक्षम  है।

बाधा बनते छद्म पर्यावरण आंदोलन

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छद्म पर्यावरण संगठनों की पूरी एक श्रृंखला है, जिन्हें समर्थक संस्थाओं के रूप में देशी-विदेशी औद्योगिक घरानों ने पाला-पोसा है। ऐसे संगठन हमारे आर्थिक विकास की गति को रोक रहे हैं। उन्हें खोजकर उन पर अंकुश लगाया जाना चाहिए।

पर्यावरण चेतना के लोकनायक

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पर्यावरण चेतना की समझ, नागरिकों को उनके कर्तव्यों का बोध कराती है तथा मार्गदर्शन करती है। पर्यावरण चेतना, इतिहास और पर्यावरण के लिए अनेक महानुभावों ने स्वयं को समर्पित कर दिया।

पर्यावरण की रक्षा और वैश्विक संस्थाएं

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पर्यावरण की रक्षा के लिए पूरे विश्व में विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाएं कार्यरत हैं। यह एक तरह से जनता का संयुक्त अभियान है। इसलिए कि आने वाली भयावह स्थिति से निपटने के लिए अभी से सार्थक कदम उठाना जरूरी है।

समुद्र को स्वच्छ बनाने वाला प्रोजेक्ट ब्लू

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विवेकानंद युथ कनेक्ट फाउंडेशन द्वारा मुंबई के समुद्र और समुद्री तट को स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित बनाने के लिये केंद्र सरकार, राज्य सरकार और स्थानीय निकाय को जागृत कर उनसे इस कार्य हेतू संरचनात्मक, समन्वयपूर्व कार्य कराने हेतू प्रयास किये जा रहे है।

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