कोरोना प्रतिबंध से मुक्त हुए मुंबई और महाराष्ट्र

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कोविड प्रोटोकॉल में मास्क को ऑप्शनल डिक्लिएर करने वाला महाराष्ट्र पहला राज्य बना लगभग 2 वर्षों के बाद मुंबई और महाराष्ट्र में कोरोना प्रतिबंध वापस ले लिया गया। मास्क की अनिवार्यता वापस ली। लोकल ट्रेन यात्रा के लिए दोहरे टीकाकरण की जरूरत नहीं। गुढ़ी पड़वा, रमज़ान, अम्बेडकर जयंती पर जुलूस…

लातूर भूकंप की 28वीं बरसी: जब सो रहे लोगों पर बरपा था कहर

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30 सितंबर 1993 की वह काली रात जिसने हजारों लोगों को काल के गाल में समा दिया। महाराष्ट्र के लातूर वासियों के लिए यह दिन किसी काले दिन से कम नहीं है जिसका दर्द वह आज भी दिलों में लिए घूम रहे है। 30 सितंबर 1993 को महाराष्ट्र के लातूर में…

कुशल प्रबंधन की मिसाल बना मध्य प्रदेश

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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जनता और जन प्रतिनिधियों के बीच सामंजस्य और समन्वय का ऐसा तालमेल स्थापित किया कि प्रदेश के हर व्यक्ति के सहयोग और सुरक्षा के लिए जनभागीदारी का मॉडल बनाया, जिसमें उन्होंने दलगत राजनीतिक प्रतिद्वंदता से ऊपर उठकर समाज कल्याण हेतु समाज प्रमुखों, राजनीतिक दलों और धर्म गुरुओं सहित समाजिक संस्थाओं को एक मंच पर लाकर खड़ा किया और संकट के समय प्रदेश की जनता की सुरक्षा को प्रमुख धर्म बताया।

क्या शुरु हो गयी कोरोना की तीसरी लहर?

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कोरोना को लेकर आंकड़े अब डराने वाले आने लगे है, शुक्रवार को कोरोना संक्रमित लोगों का नंबर अचानक से बढ़ा हुआ नजर आया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किये गये आंकड़ों में करीब 45 हजार नए लोग संक्रमित पाए गए और इसी के साथ कुल संक्रमित लोगों की…

शिक्षा का भारतीयकरण कितना जरुरी

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दरअसल अब नई शिक्षा नीति के अंतर्गत वास्तव में राष्ट्र की लुप्त कर दी गई सांस्कृतिक संपदा के महत्व को अंगीकार करते हुए ज्ञान, कर्म, संस्कार, भाषा, संस्कृति और कौशल दक्षता को विद्यार्थी में विकसित करने का काम मातृभाषाएं करेंगी। मानव को मानवीय बनाने के यही मानविकी विषय हैं। व्यक्तित्व निर्माण की यही परिकल्पना व्यक्ति में राष्ट्रबोध का प्रादुर्भाव करती है। मूल्य-बोध के इन संस्कारों से संपूर्ण राष्ट्र में सांस्कृतिक चेतना का लोकव्यापीकरण होगा और सनातन मानवीय मूल्यों की सुरक्षा होगी। यही मूल्य न केवल व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाएंगे, बल्कि देश को भी आत्मनिर्भता के शिखर पर पहुंचाएंगे।

कोरोना से निपटने हेतु यूपी का अनुकरण करे महाराष्ट्र – राम नाईक, पूर्व राज्यपाल

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कोरोना पर उत्तर प्रदेश सरकार अभूतपूर्व नियंत्रण प्राप्त कर रही है इसलिए योगी आदित्यनाथ, यूपी के कोरोना योद्धा और यूपी की जनता का अभिनंदन करते हुए उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल राम नाईक ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे सहित महाविकास आघाडी सरकार से उत्तर प्रदेश का अनुकरण करने का आह्वान किया|

“स्वराज हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर ही रहूंगा”

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यह नारा देश के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक ने दिया था उन्होंने ब्रिटिश सरकार को पूरी तरह से देश छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया था। बाल गंगाधर तिलक एक प्रसिद्ध वकील, शिक्षक, समाजसुधारक और राष्ट्रवादी व्यक्ति थे बाद में लोगों ने उन्हे लोकमान्य की भी उपाधि दी।…

ठाकुर अनिल सूरजनाथ सिंह

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महाराष्ट्र में और खासकर मुबंई में आज कल जो खास राजनैतिक समस्या है और राजनैतिक पार्टियों द्वारा इसे समय-समय पर उठाया भी जाता है वह है परप्रान्तियों की समस्या।

रामलीला के मंचन में पीछे नहीं है महाराष्ट्र

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‘अनेकता में एकता भारतीय संस्कृति की विशेषता’ की कहावत को शब्दश: अंगीकार करते हुए महाराष्ट्र की राजधानी तथा भारत की आर्थिक राजधानी के रूप में ख्यात मुंबई नगरी में विभिन्न देवी-देवताओं को मानने वालों की संख्या जिस तरह से बढ़ रही है, उसके आधार पर यह कहना गलत नहीं होगा

मानव मात्र के आराध्य दाशरथि राम

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भारत ऋषि-मुनियों का देश है। ऋषियों की प्रज्ञा मानवता के संविधान वेद के मन्त्रों का प्रत्यक्ष दर्शन किया करती थी- ऋषय मंत्रद्रष्टार:। उन ऋषियों ने ही भारतभूमि को देवभूमि, यज्ञभूमि, योगभूमि, त्यागभूमि, आर्यभूमि के रूप में कीर्ति प्रदान की है। इस भूमि में उन्होंने जीवन की सम्पूर्णता के, जीवन के सौन्दर्य के दर्शन किये थे।

भामसंघ- महाराष्ट्र प्रदेश का व्हिजन डाक्युमेंट

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भारतीय मजदूर संघ महाराष्ट्र प्रदेशका त्रै-वार्षिक अधिवेशन फरवरी माह मे सातारा मे संपन्न हुआ। इस अधिवेशन मे व्हीजन डाक्युमेंट (प्रदेश का संकल्प) 2012-2015 प्रस्तुत किया गया। अगले तीन वर्ष में प्रदेश का कार्य कैसा रहेगा, कौन कौन से उद्योग में कार्य बढाने के लिए प्राधान्य दिया जायेगा इसका ब्योरा व्हिजन डाक्युमेंट में है।

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