अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों…

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देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत फिल्मी गानों की एक लंबी श्रृंखला है। एक-एक गीत के निर्माण में हमारे गीतकारों, संगीतकारों, गायक-गायिकाओं और वादकों ने जितनी मेहनत की है उसी का यह सुपरिणाम है कि एक-एक गीत सोना उगलता जान पड़ता है।

हल्दी से सदा के लिए निरोगी जीवन

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हल्दी में मौजूद एक बहुउद्देशीय रसायन कर्क्यूमिन की महत्वपूर्ण भूमिका है। यह न केवल शरीर और मस्तिष्क को तरोताजा करता है, बल्कि इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि यह बढ़ती उम्र को भी रोक सकता है।

मंदिर निर्माण श्रीराम के आदर्शों की पुनर्स्थापना

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अयोध्या में केवल भव्य दिव्य श्रीराम मंदिर नहीं बन रहा है अपितु प्रभु श्रीराम के आदर्शों की भी पुनर्स्थापना हो रही है, जो सदियों-सदियों तक मानव जाति के लिए एक संजीवनी का काम करने के साथ ही एक आदर्शवान, चरित्रवान और दैवीय परिवार, समाज एवं राष्ट्र का नवनिर्माण कराती रहेगी।

कांग्रेस बेचारी, अंदरूनी कलह की मारी

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कांग्रेस का वर्तमान नेतृत्व इतना लचर, अक्षम व कमजोर है कि अपने ही नेताओं के बीच उत्पन्न स्वार्थप्रेरित अंदरूनी कलह से पार नहीं हो पा रही है। ऐसे समय में जनता यह निश्चित जानती है कि देश की बागडोर कौन ठीक तरह से सम्हाल रहा है। अन्य बातें व्यर्थ की हवाबाजी हैं।

संकल्प शिलाओं का पूजन

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिन शिलाओं का पूजन किया वे शिलाएं केवल पत्थर या धातु की नहीं हैं वरन वे देश को वैभव संपन्न करने वाली ’संकल्प शिलाएं’ हैं। यह संकल्प भारत और विश्व के सभी राम भक्तों का है। यह राष्ट्रीय संकल्प है। यह सत्य संकल्प है। राजनीति से इसका कोई संबंध नहीं है।

बेरूत के धमाकों से दहल उठी दुनिया

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बेरूत में हुआ धमाका इतना भीषण था कि आकाश में एटमी विस्फोट जैसा मशरूम बना। विस्फोट की आवाज ढाई सौ किमी दूर साइप्रस में भी सुनी गई। असंख्य लोग हताहत हुए। कोरोना के बाद इस विस्फोट ने लेबनान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ ही तोड़ दी।

कृष्णं वंदे जगद्गुरूम्

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जिन्हें भारतीय जीवन मूल्य एवं विचार दर्शन का पूर्ण रूप से आकलन करना है उनके लिए पूर्णावतार श्रीकृष्ण का चरित्र एवं विचार दीपस्तंभ की तरह हैं। विश्ववंद्य भगवद् गीता का उद्गाता, महाभारत के अधिनायक भगवान श्रीकृष्ण याने धर्माधिष्ठित समाज नीति एवं राजनीति का सुंदर संगम है।

प्रभु राम की राष्ट्र-नीति- भय बिनु होइ न प्रीति

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अयोध्या में श्री राम मंदिर भूमिपूजन पर दिया गया प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का ऐतिहासिक भाषण यहां शब्दश: प्रस्तुत है। उन्होंने ‘प्रभु राम सबके हैं, सबमें प्रभु राम हैं’ कहते हुए श्री राम की राष्ट्र- नीति का उल्लेख किया तथा कहा- जब देश ताकतवर होता है तभी शांति व प्रीति दोनों आती हैं। भारत इसी दिशा में अग्रसर हो रहा है।

एकात्मता की नींव का शिलान्यास

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भारत की संसदीय प्रणाली में हिंदुत्व के प्रस्थापन के भय से चलाए जाते थे। क्योंकि तथाकथित सेक्युलर इस बात से डरे हुए थे कि अगर भारत का मुखिया हिंदू है, हिंदुत्व उसकी आस्था का विषय है, यह स्थापित हो गया तो विश्वभर में भारत की छवि हिंदू राष्ट्र के रूप में उभरेगी और सभी तथाकथित सेक्युलर लोगों को अपनी दूकानें बंद करनी होंगी

राजनीति में हिंदुत्व का अधिष्ठान भी मंदिर निर्माण

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असल में कांग्रेस औऱ दूसरे सेक्यूलर दलों ने जिस दबी जुबान में मंदिर निर्माण का स्वागत किया है उसे संसदीय सियासत के करवट लेते हुए घटनाक्रम के रूप में भी देखे जाने की जरूरत है। ...कल तक जो राजनीति हिंदुओं के सांस्कृतिक मानमर्दन पर फलती फूलती रही है उसका चेहरा औऱ कोण दोनों बदलने वाले हैं।

मन में बिराजे अयोध्या

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5 अगस्त को अयोध्या में हुए भव्य श्रीराम मंदिर के शिलान्यास के अवसर पर पू.सरसंघचालक श्री मोहनजी भागवत का भाषण यहां प्रस्तुत है, जो इस कार्य से भारतवर्ष में चहुओर फैले उल्हास को व्यक्त करते हुए आगे की दिशा का मार्गदर्शन करता है।

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