भक्ति पीठ पंढरपुर का अनोखा महाकुंभ

Continue Reading भक्ति पीठ पंढरपुर का अनोखा महाकुंभ

महाराष्ट्र की परम पावन भूमि पर मध्ययुग के कालखंड में अनेक धर्म-सम्प्रदायों का उदय हुआ, तथा सभी एक भाव के साथ पल्लवित हुए। उसमें नाथ सम्प्रदाय, महानुभव सम्प्रदाय, तथा वारकरी सम्प्रदाय, १२हवीं- १३हवीं शताब्दी के पुरातन सम्प्रदाय हैं।

व्यंजन या जहर?

Continue Reading व्यंजन या जहर?

बच्चे और युवा मैगी का अधिक सेवन करने लगे हैं क्योंकि आजकल की माताएं आलसी हो गई हैं।’ ये विचार इंदौर की एक भाजपा सांसद उषा ठाकुर के हैं। उनके विचारों को सुनकर आज की माताओं की भौहें जरूर तन गई होंगी। हालांकि सांसद साहिबा ने कुछ समय बाद अपना रुख थोड़ा नरम जरूर कर लिया था, परंतु कमान से निकला तीर और मुंह से निकले शब्द वापस नहीं आते।

बिहार चुनाव प्रादेशिक नहीं, राष्ट्रीय!

Continue Reading बिहार चुनाव प्रादेशिक नहीं, राष्ट्रीय!

राजनीति और खेती बिहार की सांस है। बिहार की सामाजिक, धार्मिक व्यवस्था इन दो बातों में उलझी हुई है। शिक्षा, नौकरी, उद्योग की अपेक्षा सामाजिक व राजनीतिक प्रतिष्ठा बड़ी है। यह प्रतिष्ठा गिनी जाती है "बीघा" इन दो अक्षरों में! "बीघा" जितना बड़ा, उतना सामर्थ्य का नापजोख बड़ा!

नए कदमों में तेजी लाने की चुनौती

Continue Reading नए कदमों में तेजी लाने की चुनौती

भारत जैसे विविधताओं भरे देश में सरकार चलाना अपने आप में इतनी बड़ी चुनौती है कि केंद्र में सत्तारूढ़ सरकार की साल-दर-साल की चुनौतियों का विश्लेषण कुछ असंगत-सा है। आदर्श स्थिति यह है कि पांच वर्ष के लिए चुनी गईं सरकारों के कामकाज का लेखाजोखा उनके चुनावी घोषणापत्र के आधार पर पांच साल बाद किया जाए।

 उप राज्यपाल पद और ओछी राजनीति

Continue Reading  उप राज्यपाल पद और ओछी राजनीति

राजनीति जैसे क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को बहुत परिपक्व होना चाहिए। परन्तु इन क्षेत्रों में ही ऐसे व्यक्तियों की कमी महसूस होती है। पिछले कुछ दिनों से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एवं दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग के बीच चल रहे विवाद में कोई परिपक्वता नहीं दिखाई दे रही है।

सहकारिता को राजनीतिक नहीं, आर्थिक उद्यम समझें

Continue Reading सहकारिता को राजनीतिक नहीं, आर्थिक उद्यम समझें

सहकार भारती के अखिल भारतीय अध्यक्ष मा. सतीश मराठे जी का साक्षात्कार सतीश मराठे यह नाम सहकार क्षेत्र से समर्पित भाव से कार्य करने वाला नाम है। किसी भी कार्य का मूल भाव ‘कार्यकर्ता’ भाव में होता है। सहकार भारती का अखिल भारतीय कार्य करने का ‘कार्यकर्ता’ भाव आप में कैसे निर्माण हुआ?

भारत-बांग्लादेश साथ-साथ

Continue Reading भारत-बांग्लादेश साथ-साथ

प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की बांग्लादेश यात्रा से दोनों देशों के बीच संबंधों में गर्मजोशी बढ़ी है। इस मौके पर ४१ सालों से लंबित पड़े भूमि समझौते पर हस्ताक्षर हुए। साथ ही कई और अहम करार भी हुए। भूमि समझौते के तहत भारत के १११ गांव बांग्लादेश को मिलेंगे जबकि बांग्लादेश के ५१ गांव भारत में शामिल होंगे।

आतंकवाद इस्लामी संगठनों के कारण

Continue Reading आतंकवाद इस्लामी संगठनों के कारण

बोको हरम के आतंकवादियों ने नाइजीरिया के उत्तर-पूर्व के शहर बागा पर बड़ा हमला कर सैन्य अड्डे को लूट लिया। पूरे शहर में आग लगा दी। सड़कों और गलियों को लाशों से पाट दिया। शहर के एक अधिकारी मूसा अलहाजी बकर ने बताया कि बोको हरम के नए हमले में करीब २,००० से अधिक लोग मारे गए हैं।

 म्यांमार की सीमा में फौजी कार्रवाई

Continue Reading  म्यांमार की सीमा में फौजी कार्रवाई

मणिपुर में नगा व्रिदोहियों के हमले में १८ जवान शहीद और ११ जवान घायल होने की खबर आई और सब को आघात लगा। नगालैण्ड, मणिपुर, अरुणाचल में विद्रोहियों के खिलाफ ‘आपरेशन हिफाजत’ चल रहा है।

हार्ट फेल

Continue Reading हार्ट फेल

हार्ट फेल’ यह शब्द आपने कई बार सुने होंगे। ‘ओह! उस फलाने किसी का हार्ट फेल हुआ।’ ऐसा कहते आप को कभी अफसोस भी हुआ होगा। आइए! आज हार्ट फेल के बारे में ही कुछ बातचीत करें! हार्ट की ही जुबानी-

 पचहत्तर वर्ष

Continue Reading  पचहत्तर वर्ष

28 मई को पुणे में एक विवाह समारोह में शामिल हुआ। वहां अनेक कार्यकर्ताओं से मुलाकात हुई। जयंत सहस्रबुद्धे मुझे बोले ‘‘रमेश जी! मुकुंदराव ७५ वर्ष के हो गए। आज उनका जन्मदिन है।’’

End of content

No more pages to load