महंगाई से त्रस्त सामान्य जनता !

Continue Readingमहंगाई से त्रस्त सामान्य जनता !

किसी भी वस्तु की मांग जब तेज होती है तो उसकी कीमत बढ़ने लगती है और उसे महंगाई का नाम दिया जाता है। यह व्यक्ति के हर दिन के खर्चे को भी प्रभावित करती है और उसका असर पूरे परिवार पर नजर आता है। महंगाई के कारण देश की अर्थव्यवस्था…

भारत और जापान के आर्थिक एवं सामरिक रिश्ते

Continue Readingभारत और जापान के आर्थिक एवं सामरिक रिश्ते

भारत और जापान के बीच आध्यात्मिक बंधुत्व एवं सांस्कृतिक सभ्यता पर आधारित आपसी संबंधो का एक लम्बा इतिहास रहा है। वैसे तो भारत और जापान के आपसी रिश्तों की नींव  1600 ईस्वी तक पीछे चली जाती है परंतु हाल ही के समय में इन रिश्तों में बहुत गर्माहट आई है। आज…

हलाल कारोबार से जिहादी आतंकी फंडिंग

Continue Readingहलाल कारोबार से जिहादी आतंकी फंडिंग

इस्लाम मजहब के अनुयायियों के लिए हलाल शब्द बहुत महत्व भरा शब्द है। हलाल का आशय यह बताया जाता है कि मुस्लिम मतावलंबियों के लिए जो वस्तु वैध है वह हलाल है और जो वैध नहीं है वह हराम है। ऐसा भी बताया जाता है कि प्रारम्भ में इस्लाम-कुरान में…

घर-घर तैयार किए जाते हैं सजावटी फूल

Continue Readingघर-घर तैयार किए जाते हैं सजावटी फूल

  एक ऐसा गांव, जहां कागज के फूल खिलते हैं। रंग-बिरंगे कागज से बने फूल मंदिरों से लेकर शादी के मंडप तक की शोभा बढ़ाते हैं। कागज की लड़ी, क्रिसमस ट्री, गुलाब, कमल, सूर्यमुखी, गेंदा, कमल के अलावा और भी बहुत कुछ तैयार किए जाते हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले…

बजट में अर्थव्यवस्था के सभी अंगो का ध्यान रखा गया

Continue Readingबजट में अर्थव्यवस्था के सभी अंगो का ध्यान रखा गया

वित्त मंत्री  निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत चौथे बजट के बारे में अगर थोड़े शब्दों में कहना हो तो यही कहा जाएगा कि नरेंद्र मोदी सरकार की पहले से चली आ रही दीर्घकालीन लक्ष्य से भारत को मजबूत आर्थिक शक्ति बनाने के लक्ष्य को ही साधने वाला है। उन्होंने अपने भाषण…

मराठी के बाद उठी उर्दू बोर्ड की मांग

Continue Readingमराठी के बाद उठी उर्दू बोर्ड की मांग

हम किसी दुकान को उसके नाम से ही पहचानते हैं लेकिन उस दुकान का नाम किस भाषा में लिखा हुआ है हमें उससे कोई सरोकार नहीं होता है और होना भी नहीं चाहिए क्योंकि अलग अलग राज्यों की अपनी भाषा होती है और सभी को अपनी भाषा का इस्तेमाल करने…

केंद्र सरकार की पहलों से आर्थिक उन्नती कैसे हो रही हैं?

Continue Readingकेंद्र सरकार की पहलों से आर्थिक उन्नती कैसे हो रही हैं?

कोरोना संकट का अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। अब जब अर्थव्यवस्था फिर से सक्रिय हो रही है और सकारात्मक परिणाम दे रही है जैसे जीएसटी संग्रह में वृद्धि, विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि, यूनिकॉर्न स्टार्ट-अप में तीसरे स्थान पर, जीडीपी में सुधार, और इसी तरह बहुत सेक्टर्स... आइए प्रत्येक…

राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस: ग्राहक जानें अपना अधिकार

Continue Readingराष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस: ग्राहक जानें अपना अधिकार

  इस दुनिया में इस्तेमाल करने योग्य लाखो सामान है जिसे कंपनी या फिर कारखानों में तैयार किया जाता है और फिर उसे आम जनता अपने इस्तेमाल के लिए खरीदती है। सामान को तैयार करने वाले की लागत और लाभ से लेकर दुकानदार के लाभ के साथ सभी पैसे खरीदने…

प्रगाढ़ है भारत और रूस की मित्रता 

Continue Readingप्रगाढ़ है भारत और रूस की मित्रता 

कोविड महामारी और यूक्रेन के कारण बढ़ते विवाद के बीच रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने भारत की छह घंटे की बहुत ही संक्षिप्त यात्रा की लेकिन यह यात्रा कई मायने में बहुत ही महत्वपूर्ण व ऐतिहासिक सिद्ध हो रही है। रूसी राष्ट्रपति की यात्रा से न केवल देश वरन…

छोटे खेतिहर किसानों से सशक्त होता कृषि क्षेत्र

Continue Readingछोटे खेतिहर किसानों से सशक्त होता कृषि क्षेत्र

भारतीय कृषि हमारी संस्कृति की तरह विविधता से परिपूर्ण है। छोटी खेती और उसकी अंगभूत बहुजातीयता भारतीय आधुनिक खेती के लिए हितकारी है। छोटे स्तर पर मिश्र खेती हमारी शक्ति है। भारत में प्रति वर्ष एकक क्षेत्रफल में कुल कृषि उत्पादन विश्व में सर्वाधिक है। एफएओ के अनुसार विश्व की छोटी खेती मात्र 12% भाग पर होती है लेकिन 35% अन्न उत्पादन करती है।

छठ : वनस्पति विज्ञान का भी पर्व

Continue Readingछठ : वनस्पति विज्ञान का भी पर्व

कार्तिक मास पूरा ही प्रकृति में वनस्पति, औषध, कृषि और उसके उत्पाद के ज्ञान की धारा लिए है। अन्नकूट के मूल में जो धारणा रही, वह इस ऋतु में उत्पादित धान्य और शाक के सेवन आरंभ करने की भी है। अन्न बलि दिए बिना खाया नहीं जाता, इसी में भूतबलि…

भारतीयों ने निकाला चीन का दिवाला ड्रैगन को 50 हजार करोड़ का नुकसान

Continue Readingभारतीयों ने निकाला चीन का दिवाला ड्रैगन को 50 हजार करोड़ का नुकसान

दिवाली से पहले ही भारतीयों ने चीन का दिवाला निकाल दिया है। दिवाली से पहले चीन को बड़ा झटका लगा है और चीनी सामानों के बहिष्कार से ड्रैगन को करीब 50 हजार करोड़ का नुकसान हुआ है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने कहा है कि चीनी समानों के…

End of content

No more pages to load