जागर की यह परम्परा आज की नहीं अपितु तब से चली आ रही है जब से मानव ने जन्म लिया...
सभ्यता खान-पान, रहन-सहन जैसी भौतिक चीजों से सम्बंधित है वहीं संस्कृति वस्तुतः जीवन के प्रति दृष्टिकोण है। इस तरह यह...
महाराजा प्रद्युम्नशाह के उत्तराधिकारी युवराज सुदर्शन शाह ने अपने खोये हुए राज्य को प्राप्त करने के लिये ईस्ट इण्डिया कम्पनी...
कुमाऊं एवं गढ़वाल लोक संस्कृति की दृष्टि से समृद्ध हैं। प्रदेश में विभिन्न उत्सवों, पर्वों, धार्मिक अनुष्ठानों, देव यात्राओं, मेलों-खेलों,...
हमारे लोकगीत समय के सही दस्तावेज हैं। जिस लोक में लोकलाज भी व्याप्त है, वह न ऊंचा देखता है न...
मांस-भक्षण करने वाले गढ़वाली कहते हैं कि यह बाणासुर की धरती है इसलिए यहां आसुरी परम्परा है। यह उनकी बुद्धि...
कल दीपावली का त्योहार है तो दीपावली के दिन हमलोग माँ लक्ष्मी एवं गणेश अर्थात गौरी-गणेश की पूजा करते हैं....
पर्व हमारी संस्कृति के उज्ज्वल पक्ष के प्रहरी हैं। ये हमारी बहुरंगी संस्कृति के जीवंत साक्ष्य हैं। जीवन को आनंद...
भारतीय संस्कृति में दिए जलाना सिर्फ एक त्यौहार नहीं बल्कि एक श्रद्धा और आदर का भाव होता है। हम दिए...
तिब्बत में बने प्रसिद्ध थोलिंग मठ जाने का रास्ता (पैदल) माणा होते हुए सरस्वती नदी के किनारे खड़ी चढ़ाई से...
धनतेरस -- लोक में ऐसा प्रचलन है कि इस दिन स्वर्ण, चांदी, तांबे की खरीदी करना शुभ होता है। इसलिए...
कार्तिक के पूर्वार्द्ध और उत्तरार्द्ध के संधिकाल के पांच दिवस विशेष रूप से ज्ञातव्य हैं, जिनको सामान्यतया दीपोत्सव के रूप...
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