हिंदुत्व, विकास और जातिगत समीकरणों के सहारे भाजपा की रणनीति

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उत्तर प्रदेश में आगामी 2022 में होने वाले विधनसभा चुनावों के लिए सभी दलों ने अपने अपने तरकश के तीरों को बाहर निकालना शुरू कर दिया है। जिसमें सपा, बसपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी सहित प्रदेश की राजनीति में उगे हुए  बहुत सारे छोटे -छोटे दलों भी अपनी भागीदारी व…

चुनाव परिणाम के स्पष्ट संदेश

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जिला पंचायत चुनाव को भले हम आप विधानसभा चुनाव की पूर्वपीठिका न मानें, लेकिन, आत्मविश्वास का यह माहौल योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा को पूरे उत्साह से विधानसभा चुनाव में काम करने को प्रेरित करेगा। किसी भी संघर्ष में, चाहे वह चुनावी हो या फिर युद्ध का मैदान, परिणाम निर्धारित करने में आत्मविश्वास और उत्साह की सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यह स्थिति भविष्य की दृष्टि से भाजपा के पक्ष में जाती है और स्वाभाविक ही विपक्ष के विरुद्ध।

इस्तीफे की वजह कहीं बेटा तो नहीं?

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कर्नाटक की राजनीति में पिछले कुछ समय से उथल पुथल देखने को मिल रहा था और आखिरकार राज्य के मुख्यमंत्री येदियुरप्पा के इस्तीफे के बाद यह उथल पुथल शांत हुआ लेकिन येदियुरप्पा का इस्तीफा सिर्फ एक पार्ट था जबकि दूसरा पार्ट था कि अब राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? बीजेपी…

दिल्ली का ‘संकेत’ पहचानें

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भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में चुनाव एक महत्वपूर्ण कर्मकांड है। राष्ट्रीय कर्तव्यपूर्ति के उत्सव के रूप में भी उसे संबोधित किया जाता है।

चुनाव और मतदाता

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सन 2014 में, याने अब से 6-7 महीनों के बाद लोकसभा का चुनाव होगा। लोकसभा का चुनाव इस वर्ष के अन्त में होने वाले विधान सभाओं के चुनाव के साथ ही हो, यह मांग भारतीय जनता पार्टी ने की है।

असम की गांठ और कांग्रेस को लपेट!

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असम में फिर से अशांति का माहौल है। कोकराझार और धुबरी जिलों में स्थानीय बोडोे और बांग्लादेशी घुसपैठियों के बीच सुलगे दंगे में लगभग 60 लोगों की हत्या की गई। लंबा अरसा बीतने पर भी उसको काबू में लाया नहीं लाया गया।

काश! भ्रष्टाचार चुनावी मुद्दा बन जाता…

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पांच राज्यों में होने वाले चुनावों में कौन जीतता है, यह निश्चित रुप से महत्वपूर्ण है, लेकिन इससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण सवाल यह है कि वे कौन से मुद्दे हैं जो इन चुनावों के परिणामों को प्रभावित करेंगे।

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