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५ लाख करोड़ डॉलर की भारतीय अर्थव्यवस्था बनने की राह में कैसे है एनपीए रोड़ा ? किसे कहते है एनपीए ? देश की अर्थव्यवस्था पर एनपीए का प्रभाव, ग्रामीण सहकारी बैंक : एनपीए समस्या और समाधान, बैंकिंग क्षेत्र में सुधार की पहल करता बजट, मोदी जी की अर्थनीति, छोटे उद्योगों पर मंडराता संकट, नए भारत में जातीयता व्यवधान, मैं स्वतंत्र भारत बोल रहा हूं, संघ कार्य के भास्कर आदि अनेक प्रासंगिक लेख, आवरण कथा जानने – समझने हेतु अभी पढ़े अगस्त २०१९ माह का हिंदी विवेक अंक. ज्ञानवर्धन और बुद्धि विवेक की समृद्धि के लिए निरंतर पढ़े राष्ट्रवाद से परिपूर्ण पारिवारिक पत्रिका हिंदी विवेक …

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विगत 6 वर्षों से देश में हो रहे आमूलाग्र और सशक्त परिवर्तनों के साक्षी होने का भाग्य हमें प्राप्त हुआ है। भ्रष्ट प्रशासन, दुर्लक्षित जनता और असुरक्षित राष्ट्र के रूप में निर्मित देश की प्रतिमा को सिर्फ 6 सालों में एक सामर्थ्यशाली राष्ट्र के रूप में प्रस्तुत करने में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की अभूतपूर्ण भूमिका रही है।

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