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नए भारत के निर्माण में गुजरात सबसे आगे

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मोदी जी नौकरशाही में विश्वास करने की बात करते हैं और गुजरात भी नौकरशाही में विश्वास का पक्षधर है। एक सशक्त नौकरशाही कम समय में कई क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। गुजरात इसका उदाहरण है जहां नौकरशाही ने अपनी नीतियों और बेहतरीन प्रबंधन से कई चुनौतियों को अवसरों में बदला है।

सेक्युलरिज्म का चश्मा उतारें

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महाभारत में पांडवों की विजय में सबसे बड़ा भाग अर्जुन का था। अर्जुन के बिना पांडव जीत ही नहीं सकते थे। आज दुनिया में अर्जुन की तरह अमेरिका है .. महाभारत में जब दुर्योधन को मारने की बारी आई तो वह क्षमता केवल भीम में थी। आज मैनुफैक्चरिंग सेक्टर में चीन भीम की तरह है। महाभारत के बाद जब राजा चुनने की बारी आई तो सभी लोग कृष्ण की ओर देख रहे थे कि वे किसे राजा बनाते हैं। परंतु उन्होंने न अर्जुन को चुना न भीम को।...क्योंकि धर्मराज युधिष्ठिर ...सारी दुनिया को समदृष्टि से देखते हैं भारत ही धर्मराज युधिष्ठिर बन सकता है।

गुलाम कश्मीर की आजादी जरूरी

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    केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इंदौर में कहा है कि ‘जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370  हटाए जाने के बाद अब सरकार जल्दी ही पाक अधिकृत कश्मीर पर बड़ा कदम उठा सकती है। क्योंकि पीओके भारत का हिस्सा है और उसे भारत में मिलाना हमारा दायित्व है। इस विलय के संबंध में सर्वसम्मति से संसद में प्रस्ताव भी पारित होते रहे हैं।

धारा 370 और 35A को निरस्त करने का ऐतिहासिक फैसला

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राज्यसभा ने ऐतिहासिक फैसला देते हुए जम्मू-कश्मीर पुनर्निर्माण बिल को मंजूरी दे दी है। तकनीकी कारणों के कारण, बिल को पत्र द्वारा वोट दिया गया और बहुमत से इसे मंजूरी दे दी गई। इस बिल को मंजूरी मिलते ही दो नए केंद्र शासित प्रदेश - जम्मू और कश्मीर और लद्दाख अस्तित्व में आ गए। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर से धारा ३७० को हटा दिया गया है।

कश्मीर में लौटेगा बहुलतावादी चरित्र

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दशकों से इस राज्य के भीतर जो लोग आतंक के साये में और घाटी से विस्थापित जो पंडित मातृभूमि से खदेड़े जाने का दंश झेलते हुए शिविरों में जी रहे थे, उन्हें राहत मिलने जा रही है। इन लोगों की पीड़ा को पूरा देश और केंद्र में रही सरकारें बखूबी जानती थीं, लेकिन इस यथास्थिति को तोड़ने की हिम्मत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ही दिखा पाए

ईरान को लेकर दो हिस्सों में विभाजित दुनिया

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अमेरिका के ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते से अलग हो जाने के बावजूद रूस, चीन, फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी अभी भी इस समझौते से सहमत हैं। इसीलिए ईरान भी अमेरिका के खिलाफ तल्ख तेवर अपनाए हुए है। इसीलिए दुनिया को लग रहा है कि कहीं जंग का सिलसिला शुरू न हो जाए?

आतंकवादी हमले की इतनी बड़ी साजिशों को कैसे देखें ?

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राष्ट्रीय जांच एजेंसी या एनआईए ने तमिलनाडु तथा केरल में छापेमारी कर जो सच सामने रखा है उससे रोंगटे खड़े हो जाते हैं। सबसे अंतिम छापा 20 जुलाई को थी। तमिलनाडु में एक साथ 16 स्थानों पर मारे गए छापे में अंसारउल्ला संगठन की ऐसी साजिशों का भंडाफोड़ हुआ जिसमें भारत के अलग-अलग भागों में हमले किए जाने थे।

ट्रंप का बयान गैर जिम्मेवार

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अमेरिकी राष्ट्रपति का बयान ऐसा है जिससे भारत में खलबली मचनी स्वाभाविक है। भारत की घोषित नीति है- जम्मू कश्मीर में किसी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं हो सकती। यही नहीं पाकिस्तान के साथ सारे विवाद को हम द्विपक्षीय मामला मानते हैं जिसमें तीसरे पक्ष की कोई आवश्यकता नहीं।

आतंरिक कलह से गिरी कर्नाटक सरकार

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चौदह माह पहले केवल भाजपा को सत्ता में आने से रोकने वाली जनतादल (सेकुलर) और कांग्रेस के गठबंधन की सरकार के पतन होने की इबारत तो उसी समय लिख दी गई थी।

मोदी और शाह का मिशन कश्मीर

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जम्मू-कश्मीर में सख्ती के चलते हालात तेजी से सुधर रहे हैं। आम जन-जीवन सामान्य हो रहा है और पत्थरबाजी की घटनाएं अप्रत्याशित ढंग से घट रही है, 2016 में जहां पत्थरबाजी की 2653 घटनाएं हुई, वहीं 2019 के बीते छह महीनों में दर्जनभर वरदातें ही सामने आई हैं। इन मामलों में शरारती तत्वों की गिरतारियां भी 10,571 से घटकर 100 के आंकड़े के इर्द-गिर्द सिमट गई है।

भारत भी ‘इस्लामिक स्टेट’ की रडार पर

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श्रीलंका में हुए शृंखलाबद्ध विस्फोट स्थानीय आतंकवादी गुटों की सहायता से ‘इसिस’ ने करवाए थे, यह बात साफ हो चुकी है। मध्यपूर्व में पराजित होते ‘इस्लामिक स्टेट’ ने अब एशिया पर नजर रखी है। उनकी राडार पर भारत भी है। इसलिए हमें बेहद सतर्क रहना होगा।

भारत की ‘डेटा’ सुरक्षा हेतु चीनी कंपनियों का 5 जी नेटवर्क में प्रवेश रोकें

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ताईवान ने अभी अभी सुरक्षा के कारणोंवरा चीनी कंपनी हुवावे एवं झेड टी ई के नेटवर्क, मोबाईल एवं अन्य उत्पादनों पर प्रतिबंध लगाया है। अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, न्यूझीलेंड और ऑस्ट्रेलिया में इन कंपनियों के खिलाफ पहले ही प्रतिबंध लगाये हैं।

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