मुफ़्त का शब्द बेशक सुख देता हो, पर इसकी अति बहुत खराब है। दुनिया के अनेक देश जनता को प्रभावित...
यदि हम स्वास्थ्य, शिक्षा, संपन्नता, सम्मान, सफलता से वंचित रहते हैं तो इसके लिए दूसरों को दोष देना व्यर्थ है।...
धर्म को तोड़ मरोड़ कर पेश किये जाने की हम हमेशा बात करते हैं | अब जैसे एक वाक्य की...
मस्जिदों से लाउडस्पीकर उतारे जाने के सामाजिक मुद्दे को छद्म सेक्युलर और मुसलमान धार्मिक रंग दे रहे हैं जबकि उन्हीं...
पिछले कुछ वर्षों के दौरान देश में हुई दंगाई घटनाओं के पीछे इस्लामी संगठन, पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) का...
जहाँ लोग अब अपने और पराए में आकलन लगा रहे हैं वहीं 90 के दशक में लोग पराए को भी...
मुंबई: गोरेगांव (पश्चिम) के हनुमान नगर में एक बेकरी चलाने वाले 23 वर्षीय व्यक्ति को पड़ोस की एक 18 वर्षीय...
भारत में पशुओं की संख्या में निरंतर बढ़ोत्तरी होती जा रही है पर उस अनुपात में पशुचिकित्सकों की संख्या काफी...
पश्चिमी परिवेश में रंगी वर्तमान पीढ़ी के लिए राष्ट्र का अर्थ जमीन का टुकड़ा मात्र है इसीलिए उन्हें अखंड भारत...
24 अप्रैल को पंचायत दिवस आया गया जैसा हो गया। अगर नरेंद्र मोदी सरकार इस दिवस पर पंचायतों के लिए...
"ना कलम बिकती है, ना कलमकार बिकता है। लिख लिख कर थक जाती है ये उंगलियां तब जाकर कहीं अख़बार...
रूस-यूक्रेन युद्ध का लम्बा खिंचना पूरे विश्व के लिए चिंता का विषय है। इसका असर न केवल कच्चे तेल और...
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