टूटते नैतिकता के फिजूल पैमाने

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आज की भारतीय नारी नैतिकता के पुराने पैमानों के आगे जा चुकी है। परंपरा और संस्कृति के नाम पर उसके मन में गढ़े गए गलत विचारों से आज वह बाहर आ चुकी है। यह आधुनिक नारी की अस्मिता का प्रतीक है। समाज को इसे ठीक से जान लेना चाहिए।

आधुनिक फैशन फूहड़ता का फ्यूजन

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आप फैशन के नाम पर कटे-फटे और अंग प्रदर्शित करने वाले कपड़े पहन कर सभ्य बन रहे हैं या फिर अपनी फूहड़ता का परिचय दे रहे हैं? आपकी पहचान फूहड़ता है या आपकी पहचान भारतीयता है, या फिर अंधानुकरण करने वाले नकलची की? कहीं आप फैशन और फूहड़ता में घालमेल तो नहीं कर रहे हैं?

मॉडलिंग में आना आसान टिकना मुश्किल – प्रवीण सिरोही

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मॉडलिंग की दुनिया बड़ी चकाचौंध भरी दुनिया है। युवा इसमें आने के सपने देखते हैं, देखना भी चाहिए; लेकिन इसमें टिकने के लिए संघर्ष की कोई हद नहीं है। मॉडलिंग के पेशे पर प्रसिद्ध मॉडल व अभिनेता प्रवीण सिरोही से हुई बातचीत के अंश प्रस्तुत हैंः

अब नहीं चाहिए घूंघट

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कभी परम्पराओं के नाम पर तो कभी रीति-रिवाज़ और ढकोसलों के चलते महिलाओं को अब तक बहुत छला गया है। परन्तु अब स्त्री जाति को इन वाहियात प्रथाओं से मुक्ति हेतु अपनी लड़ाई खुद लड़नी होगी। उन्हें खुद ही घूंघट से बाहर निकलकर आगे बढ़ना होगा।

बेमिसाल भारतीय गहनें

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भारतीय गहनों ने विकास का एक बहुत लंबा सफर तय किया है। लोगों की आवश्यकता के अनुसार नए-नए डिजाइन बाजार में आ रहे हैं, फिर भी पारंपरिक डिजाइन के गहनें आज भी अपने मनमोहक प्रभाव के कारण सबके आकर्षण का केन्द्र हैं।

खिताब पाने का उद्देश्य समाजसेवा – पिंकी राजगडिया

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परम्परागत मारवाड़ी परिवार से आई पिंकी राजगडिया का मिसेज इंडिया व मिसेज यूनिवर्स तक का सफर रोमांचक और कड़े परिश्रमों से भरा सफर है। प्रस्तुत है इस सफर के विभिन्न पहलुओं पर हुई बातचीत के महत्वपूर्ण अंश, जो इंगित करते हैं कि भारतीय महिलाएं ठान लें तो हर क्षेत्र में सफलता के झंड़े गाड़ सकती हैं।

घरेलू सौंदर्य प्रसाधनों से लेकर मेकअप तक…

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अगर आप स्वस्थ हैं, आपकी काया कोमल और कांतिमय है, तो आपको अधिक मेकअप की जरूरत नहीं, क्योंकि यह मेकअप स्थायी नहीं होता। अतः अधिक मेकअप से परहेज करें। घरेलू प्रसाधनों का अधिक उपयोग कर अपने आप को सदाबहार बनाए रखें।

जादू… कजरारे नैनों का

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किसी भी नवयौवना का श्रृंगार काजल के बिना अधूरा होता है। बिना काजल लगाए अगर वह आइने के सामने भी खड़ी हो जाती है तो आईना ही उससे पूछता है “आज आंखें बीमार सी क्यों हैं?” और यह वैश्विक सत्य है कि कोई भी नवयौवना आइने की बात नहीं टालती।

हेयर स्टाइल

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नई-नई हेयर स्टाइल हमारे मूड को काफी बदल देती है। इसलिए हमें समय-समय पर अपने हेयर स्टाइल को लेकर प्रयोग करते रहना चाहिए, जो कि अधिकतर महिलाएं और पुरुष करते ही हैं, एकदम अलग और आकषर्क दिखने के लिए...

भारतीय सौंदर्य का दर्शन कराने वाली फैशन

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भारतीय सौंदर्य किसी प्रदर्शन का मोहताज नहीं है यह हमारे भीतर से ही उत्पन्न होता है, हमारी संस्कृति योग, ध्यान और अध्यात्म की है जिसका प्रभाव एक सच्चे भारतीय के चेहरे पर स्पष्ट झलकता है।

पैठणी के नए अवतार

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महाराष्ट्र की पैठणी साड़ी रंग, बेलबूटे और कारीगरी के लिए प्रसिद्ध है। पैठण के अलावा येवला भी इसका मुख्य केंद्र है। यह साड़ी महिलाओं को मोहक तो बना ही देती है, पुरानी होने पर बच्चियों के ड्रेस सिलवाने के काम भी आती है। फैशन और उपयोग दोनों साथ-साथ...

फैशन और सौंदर्य

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फैशन और सौंदर्य को जुदा नहीं किया जा सकता। जब दुनिया बर्बर अवस्था में थी तब प्राचीन भारत में एक समृद्ध संस्कृति थी। परिधानों, अलंकारों, सौंदर्य प्रसाधनों में हमारा कोई मुकाबला नहीं था। प्रस्तुत है फैशन शो के वैश्विक संदर्भ के साथ भारत में वस्त्रालंकारों, सौंदर्य के पैमाने एवं सौंदर्य-प्रसाधनों की एक झलक।

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