राष्ट्रीय चरित्र विकास को प्राथमिकता देकर राष्ट्र का विकास
प्रत्येक माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा जाति या पंथ की परवाह किए बिना एक बेहतर व्यक्तिगत चरित्र विकसित करे। ...
प्रत्येक माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा जाति या पंथ की परवाह किए बिना एक बेहतर व्यक्तिगत चरित्र विकसित करे। ...
जिस प्रकार मक्का या वैटिकन सिटी पूरे विश्व में अकेले हैं, उसी प्रकार श्री बद्रीनाथ केदारनाथ धाम व हिन्दू धर्म ...
(26 नबम्बर1949) हम भारतीयों का संविधान बनकर तैयार हुआ था। आज 72 बर्ष बाद हमारा संविधान क्या अपनी उस मौलिक ...
इंसान जब अपने आप में खुशी और शांति को तलाश करता है, तो उत्तराखंड के हरिद्वार और ऋषिकेश में जरुर ...
एक ओर मैदानी क्षेत्रों के लोग कृषि को सम्मान की दृष्टि से देखते हैं, जबकि पहाड़ों में इस व्यवसाय को ...
श्री मनोहरलाल जुयाल की जीवन यात्रा सचमुच में बहुत अद्भुत है। देहरादून में आकर व्यापार की तरफ रुख किया। अपनी ...
स्वरोजगार हेतु सरकारी सहायता पा लेना चक्रव्यूह तोड़ने से कम उपलब्धि नहीं कही जाएगी, वैसे भी हमारे प्रवासी युवा सामान्य ...
कुमाऊं और गढ़वाल में कई ऐसे साक्ष्य प्राप्त हुए हैं जिनसे यह स्पष्ट हो जाता है कि उत्तराखंड में संस्कृत ...
स्वतंत्र राज्य बनने से लेकर अब तक उत्तराखंड न तो अपने विकास की उचित दिशा का चयन कर पाया है ...
वर्षों से पहाड़ी लोगों की मेहनत और इमानदारी की दुनिया कायल रही है। महाराष्ट्र को हम पहाड़ी अपना ही समझते ...
गजक ........ तिलों से बनने वाली यह मिठाई कितनी पुरानी है ? करीब 4-5 हजार वर्ष पुरानी। यह संसार की ...
कुछ प्राचीन कृषि ग्रन्थ -- कृषि पराशर (पराशर) कृषि संग्रह पराशर तंत्र वृक्षायुर्वेद (सुरपाल) कृषिगीता (मलयालम में, रचनाकार : परशुराम) ...
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