पर्यावरण समस्या एवं आन्दोलन – फरवरी 2020

पर्यावरण समस्या एवं आंदोलन तथा निराकरण की थीम पर आधारित हिंदी विवेक मासिक पत्रिका के फरवरी माह २०२० का पर्यावरण विशेषांक प्रकाशित हुआ है, जो बेहद प्रासंगिक एवं संग्रहणीय है और ग्लोबल वार्मिंग की समस्या के समाधान के लिए भी उपयोगी है. ‘जलवायु परिवर्तन का भारत पर प्रभाव’, ‘बाधा बनते छद्म पर्यावरण आन्दोलन’, ‘पर्यावरण चेतना के लोकनायक’, ‘जनजाति के लिए प्रकृति ही धर्म है’, ‘प्रकृति की रक्षा, हमारी सुरक्षा’, ‘बचाना ही होगा पर्यावरण’, ‘रामचरित मानस में पर्यावरण चेतना’, ‘धरती बार – बार दे रही खतरे की घंटी’ एवं हवा में घुलता जहर आदि शीर्षकों से प्रकशित आलेख पर्यावरण की रक्षा, सुरक्षा, संवर्धन और जनजागरण के लिए पूर्णत: समर्पित है. इन आलेखों में जल, वायु, धरती, आकाश, अग्नि, जंगल आदि विषयों पर प्रकाश डाला गया है. इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उपभोग शून्य स्वामी की संज्ञा देते हुए उनके उल्लेखनीय कार्यों एवं उपलब्धियों और उनकी जीवनी पर प्रकाश डालने वाला गृहमंत्री श्री अमित शाह का आलेख प्रेरणादायी व सराहनीय है. इसके साथ ही ‘जेएनयू पूरा देश नहीं है’, ‘नागरिकता कानून विरोध की राजनीति’, ‘मेक इन इंडिया के तहत स्वदेशी हो ५जी’ एवं ‘दिल्ली जीत पाएंगे केजरीवाल ?’ और अमेरिका – ईरान तनाव पर प्रकाशित आलेख समसामयिक दृष्टी से आकर्षण के केंद्र है.

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