टूटते नैतिकता के फिजूल पैमाने

Continue Reading टूटते नैतिकता के फिजूल पैमाने

आज की भारतीय नारी नैतिकता के पुराने पैमानों के आगे जा चुकी है। परंपरा और संस्कृति के नाम पर उसके मन में गढ़े गए गलत विचारों से आज वह बाहर आ चुकी है। यह आधुनिक नारी की अस्मिता का प्रतीक है। समाज को इसे ठीक से जान लेना चाहिए।

हर एक की अपनी फैशन है – अदिती गोवित्रीकर

Continue Reading हर एक की अपनी फैशन है – अदिती गोवित्रीकर

आपने जो पहना है, उसमें आप सहज हैं, आप पर वह सुंदर लग रहा है तो वही आपका फैशन होना चाहिए। जो दुनिया करे वह फैशन नहीं है। इस दृष्टि से देखें तो हर कोई फैशनेबल है।  प्रस्तुत है मिसेज इंडिया और मिसेज वर्ल्ड का खिताब जीतने वाली सुंदरी अदिति गोवित्रिकर से फैशन की दुनिया पर हुई बातचीत के महत्वपूर्ण अंश-

आधुनिक फैशन फूहड़ता का फ्यूजन

Continue Reading आधुनिक फैशन फूहड़ता का फ्यूजन

आप फैशन के नाम पर कटे-फटे और अंग प्रदर्शित करने वाले कपड़े पहन कर सभ्य बन रहे हैं या फिर अपनी फूहड़ता का परिचय दे रहे हैं? आपकी पहचान फूहड़ता है या आपकी पहचान भारतीयता है, या फिर अंधानुकरण करने वाले नकलची की? कहीं आप फैशन और फूहड़ता में घालमेल तो नहीं कर रहे हैं?

मॉडलिंग में आना आसान टिकना मुश्किल – प्रवीण सिरोही

Continue Reading मॉडलिंग में आना आसान टिकना मुश्किल – प्रवीण सिरोही

मॉडलिंग की दुनिया बड़ी चकाचौंध भरी दुनिया है। युवा इसमें आने के सपने देखते हैं, देखना भी चाहिए; लेकिन इसमें टिकने के लिए संघर्ष की कोई हद नहीं है। मॉडलिंग के पेशे पर प्रसिद्ध मॉडल व अभिनेता प्रवीण सिरोही से हुई बातचीत के अंश प्रस्तुत हैंः

अब नहीं चाहिए घूंघट

Continue Reading अब नहीं चाहिए घूंघट

कभी परम्पराओं के नाम पर तो कभी रीति-रिवाज़ और ढकोसलों के चलते महिलाओं को अब तक बहुत छला गया है। परन्तु अब स्त्री जाति को इन वाहियात प्रथाओं से मुक्ति हेतु अपनी लड़ाई खुद लड़नी होगी। उन्हें खुद ही घूंघट से बाहर निकलकर आगे बढ़ना होगा।

बेमिसाल भारतीय गहनें

Continue Reading बेमिसाल भारतीय गहनें

भारतीय गहनों ने विकास का एक बहुत लंबा सफर तय किया है। लोगों की आवश्यकता के अनुसार नए-नए डिजाइन बाजार में आ रहे हैं, फिर भी पारंपरिक डिजाइन के गहनें आज भी अपने मनमोहक प्रभाव के कारण सबके आकर्षण का केन्द्र हैं।

खिताब पाने का उद्देश्य समाजसेवा – पिंकी राजगडिया

Continue Reading खिताब पाने का उद्देश्य समाजसेवा – पिंकी राजगडिया

परम्परागत मारवाड़ी परिवार से आई पिंकी राजगडिया का मिसेज इंडिया व मिसेज यूनिवर्स तक का सफर रोमांचक और कड़े परिश्रमों से भरा सफर है। प्रस्तुत है इस सफर के विभिन्न पहलुओं पर हुई बातचीत के महत्वपूर्ण अंश, जो इंगित करते हैं कि भारतीय महिलाएं ठान लें तो हर क्षेत्र में सफलता के झंड़े गाड़ सकती हैं।

घरेलू सौंदर्य प्रसाधनों से लेकर मेकअप तक…

Continue Reading घरेलू सौंदर्य प्रसाधनों से लेकर मेकअप तक…

अगर आप स्वस्थ हैं, आपकी काया कोमल और कांतिमय है, तो आपको अधिक मेकअप की जरूरत नहीं, क्योंकि यह मेकअप स्थायी नहीं होता। अतः अधिक मेकअप से परहेज करें। घरेलू प्रसाधनों का अधिक उपयोग कर अपने आप को सदाबहार बनाए रखें।

जादू… कजरारे नैनों का

Continue Reading जादू… कजरारे नैनों का

किसी भी नवयौवना का श्रृंगार काजल के बिना अधूरा होता है। बिना काजल लगाए अगर वह आइने के सामने भी खड़ी हो जाती है तो आईना ही उससे पूछता है “आज आंखें बीमार सी क्यों हैं?” और यह वैश्विक सत्य है कि कोई भी नवयौवना आइने की बात नहीं टालती।

हेयर स्टाइल

Continue Reading हेयर स्टाइल

नई-नई हेयर स्टाइल हमारे मूड को काफी बदल देती है। इसलिए हमें समय-समय पर अपने हेयर स्टाइल को लेकर प्रयोग करते रहना चाहिए, जो कि अधिकतर महिलाएं और पुरुष करते ही हैं, एकदम अलग और आकषर्क दिखने के लिए...

आईना झूठ न बोले

Continue Reading आईना झूठ न बोले

मैं आईना...वैसे मेरा और आपका रिश्ता तो सदियों पुराना है। मुझे देखे बिना आपका एक दिन भी गुजरता नहीं, और मुझ से बातें किए बिना आपको चैन भी नहीं पड़ता। तो अगर कभी श्रृंगार में कोई कमीं रह जाए तो खरी-खोटी मुझे ही सुननी पड़ती है, और कभी आप अति सुंदर लगें तो डिठूला कभी-कभी आपके साथ मुझे भी लग जाता है। तो ऐसा है हमारा रिश्ता सदियों पुराना। आज इसी रिश्ते की एक कहानी सुनाने जा रहा हूं... मेरी और उसकी कहानी...

भारतीय सौंदर्य का दर्शन कराने वाली फैशन

Continue Reading भारतीय सौंदर्य का दर्शन कराने वाली फैशन

भारतीय सौंदर्य किसी प्रदर्शन का मोहताज नहीं है यह हमारे भीतर से ही उत्पन्न होता है, हमारी संस्कृति योग, ध्यान और अध्यात्म की है जिसका प्रभाव एक सच्चे भारतीय के चेहरे पर स्पष्ट झलकता है।

End of content

No more pages to load