- समतल भूमि पर कंबल बिछाकर पद्मासन में बैठ जाएं। दोनों पैर सामने की ओर फैलाएं। अब दोनों हाथों से...
संगाई को अंग्रेजी में हूता् ई, लैटिन में णन्ल्े ात्ग्ग् तथा ब्राह्मी भाषा में शामिन व मणिपुरी में संगाई कहते...
एक उपभोक्ता के तौर पर यह जरूरी है कि हम अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों को समझें। हमें अपने हितों के...
‘माय होम इंडिया’ स्वयंसेवी संस्था है, जिसका संकल्प पूर्वोत्तर भारत और शेष भारत के बीच पारस्परिक भाईचारे और अपनत्व की...
बच्चा... हर मां का प्यार और पापा का गुरुर होता है। बच्चा... जो माता पिता की दुनिया बदल देता है।...
चालीस साल पहले जब मैं झाबुआ में कलेक्टर था तो हमने लोगों के लिए रोजगार देने की योजना बनाई। लेकिन...
देह दान के द्वारा महर्षि दधीचि ने समाज कल्याण का अप्रतिम कार्य किया था। उन्हीं के वंशज डॉ. दुर्गा प्रसाद...
‘नौकरी करने के लिए नहीं, नौकरी देने के लिए हम पैदा हुए हैं। उद्योग में सफलता प्राप्त करें। अपना छोटाबड़ा...
महाराष्ट्र के तटवर्ती इलाकों में बसा है ठाणे जिला। इस जिले का नाम सामने आते ही ग्रामीण वनवासी इलाका याद...
भिवंडी से 3040 किलोमीटर दूर है मोहंडूल नामक गांव। वहां के आदिवासी पाडा (बस्ती) से सन 2000 में मेरा सम्बंध...
पुट्पर्ती के श्री सत्य साईबाबा अपनेआप में एक चमत्कार थे। उन्होंने जनसेवा को जो विशाल रूप दिया उसकी कोई मिसाल...
‘अर्फेाा घर’ फरिवार में सेवा को उफकार नहीं, दायित्व समझा जाता है। यह एक ऐसा यज्ञ है जहां आहुति डालना...
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