‘नव भारत’ निर्माण करने का अवसर

Continue Reading‘नव भारत’ निर्माण करने का अवसर

स्वतंत्रता के 75 वर्षों के पश्चात् भी अगर देश का बुद्धिजीवी समाज हीन भाव से ग्रसित है तो उसका सर्व प्रमुख कारण हमारी शिक्षा नीति रही जिसमें हमें पश्चिम का भक्त होना सिखाया गया। पर पिछले एक दशक से जनमानस में स्व का भाव जाग्रत हुआ है क्योंकि प्रधान मंत्री ने अपने हर क्रिया-कलाप से राष्ट्र के स्व को जगाने का प्रयास किया है।

महिला अधिकार भारत से पीछे है अमेरिका

Continue Readingमहिला अधिकार भारत से पीछे है अमेरिका

विश्व के किसी भी देश में मानवाधिकार उल्लंघन की छोटी सी घटना होते ही अमेरिका उस देश मात्र को मानवाधिकार नियमों की घुट्टी पिलाने लगता है जबकि अपने यहां महिलाओं और अश्वेतों के विरुद्ध हो रहे अत्याचारों और उनके अधिकारों के प्रति आंख मूंद लेता है। वहां पर महिलाओं की दशा को बताने के लिए इतना ही काफी है कि कोई भी महिला अभी तक राष्ट्रपति के पद तक नहीं पहुंच पाई है।

नेता बदले लेकिन रिश्तों पर आंच नहीं

Continue Readingनेता बदले लेकिन रिश्तों पर आंच नहीं

भारत के बढ़ते आर्थिक और सामरिक कद की वजह से विश्व के बड़े राष्ट्रों में लगातार हो रहे सत्ता परिवर्तन और भारत मित्र सत्ताधीशों की विदाई के बावजूद भारत पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ा है बल्कि कई देशों में वर्तमान शासनाध्यक्षों ने भारत के साथ सम्बंधों को मजबूत करने की दिशा में ज्यादा तत्परता दिखाई है।

कोरोनामिक्स भारत बन सकता है चीन का विकल्प

Continue Readingकोरोनामिक्स भारत बन सकता है चीन का विकल्प

कोरोना महामारी के बाद वैश्विक कम्पनियां बहुत तेजी से चीन छोड़ रही हैं। भारत के लिए यह एक सुनहरा अवसर है। वर्तमान सरकार की नीतियां और टैक्स में छूट की अवधारणा इस मामले में सोने पर सुहागा साबित होगी। अब आवश्यकता है तो सरकार द्वारा की जा रही सार्थक पहल को और तेज करने की, ताकि इस मौके का लाभ भारत को बड़े स्तर पर मिल सके।

End of content

No more pages to load