ईमानदारी को राष्ट्रीयचरित्र बनाने का लक्ष्य

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कोई दायित्व सौंपते समय यदि कार्यकर्ता की सत्यनिष्ठा का स्तर भी देखा जाने लगे तो ईमानदारी को राष्ट्रीय चरित्र का हिस्सा बनते देर नहीं लगेगी। आज के दौर में सिर्फ भाजपा ही इस काम को बखूबी अंजाम दे सकती है। क्योंकि भाजपा के अधिकतर कार्यकर्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की व्यक्ति निर्माण की प्रक्रिया में तप कर आते हैं।

गादमुक्त बांध, गादयुक्त कृषि भूमि

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जलयुक्त कृषि भूमि अभियान और बांधों व जलाशयों से गाद निकालकर उसे खेतों में फैलाने की योजना के कारण महाराष्ट्र अकालमुक्ति के स्वप्न की ओर धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। जनसहयोग के कारण ये दोनों योजनाएं अत्यंत सफल रहीं और गांवों में खुशहाली का मार्ग प्रशस्त हुआ।

जनसेवा का व्रतकभी नहीं टूटेगा

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मुंबई से सर्वाधिक वोटों से जीते गोपाल शेट्टी अपनी विजय का श्रेय मोदीजी -अमित शाह- देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व के साथ ही अपने विकास कार्यों को भी देते हैं। जनसेवा का व्रत लेकर वे राजनीति में आए। यह व्रत कभी नहीं टूटा, और न आगे भी टूटेगा। इस विजय के अवसर पर उनसे मुंबई की समस्याओं, शिक्षा संस्थाओं, उनके विकास कार्यों पर हुई विशेष बातचीत के महत्वपूर्ण अंश-

फिट है तो हिट है…

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व्यक्ति के फिट रहने के लिए शरीर और मन दोनों फिट रहना आवश्यक है। इसलिए शरीर और मन दोनों की सेहत पर बराबर ध्यान दिया जाए। आज मुख्य प्रश्न है, लोगों में फिटनेस के प्रति जागरूकता लाना और जो जागरुक हैं उन्हें बाजार के बहाव में बहने से रोकना।

अमित शाह मैन ऑफ द मैच

अमित शाह मैन ऑफ द मैच
Jaipur : BJP National President Amit Shah during a party rally in Jaipur on Saturday. PTI Photo (PTI4_25_2015_000114B)
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केंद्रीय गृहमंत्री के रूप में अमित शाह अगर देश के सम्मुख ज्वलंत समस्याओं का समाधान खोज लेते हैं तो जिस तरह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में वे शिखर पर पहुंच गए उसी तरह सरकार के अंदर भी उनका कद और बढ़ सकता है। अमित शाह ने अब तक जिस प्रकार से राजनैतिक फैसले लिए हैं, उससे यही आभास होता है कि वे बड़े या सख्त फैसले लेने में हिचकेंगे नहीं। किसी भी राजनीतिक शक्ति एवं व्यक्ति की सही कसौटी उसकी निर्णय क्षमता में होती है।

क्या प. बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगेगा?

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अगर बंगाल में ऐसे ही हालात रहे तो केंद्र को हस्तक्षेप करना पड़ सकता है, और धारा 356 के तहत राष्ट्रपति शासन लागू किया जा सकता है। अब देखना है कि आगे राज्य के सियासी हाल क्या रहते हैं और ऊंट किस करवट बैठता है।

सामान्य व्यक्ति की असामान्य शक्ति 

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2019 के चुनाव सामान्य व्यक्ति की असामान्य शक्ति के द्योतक हैं। यह एक अहिंसक लोकतांत्रिक क्रांति है। सामान्य व्यक्ति ने अब भारत का उत्थान करने का संकल्प लिया है। उसे परिवारवाद नहीं चाहिए। जात-पात की राजनीति नहीं चाहिए। अल्पसंख्यकों की राजनीति नहीं चाहिए। उसे अब राष्ट्रनीति चाहिए।

मुख्यधारा में शामिल हुए मुसलमान

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मोदी सरकार की निष्पक्ष कार्य एवं न्याय प्रणाली तथा मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की उल्लेखनीय भूमिका के चलते मुस्लिम समाज अब धीरे-धीरे देशहित को ध्यान में सरकार मुख्य धारा में आने लगा है। मोदी को किया गया मतदान इसी का संकेत है।

खाड़ी युद्ध- वैश्विक अस्थिरता की बानगी

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अमेरिका और ईरान का टकराव दुनिया के लिए विनाशकारी सिद्ध हो सकता है। ईरान द्वारा परमाणु अस्त्र कार्यक्रम पुनः शुरू करने की चेतावनी से अमेरिका और आगबबूला हो गई हैै। अमेरिका ने कई तरह के आर्थिक प्रतिबंध याने इकोनॉमिक सैंक्शंस लाकर ईरान की व्यापारिक गतिविधियां रोकने का प्रयास किया है। भारत को इस पर अत्यंत संतुलित नजरिए से स्थिति से निपटना होगा। भारत को अमेरिका, अरब देश, इजराइल की भूमिका के साथ भी चलना है और ईरान के साथ व्यापार भी पूरी तरह से बंद नहीं करना है। भारत के नए विदेश मंत्री सुब्रमण्यम जयशंकर की यह परीक्षा की घड़ी है। ऐसे समय में भारत के लिए चिंता का विषय तेल संकट को लेकर है। लेकिन इससे भी चिंताजनक बात यह है कि ख़ाडी मुल्कों में लाखों भारतीय नौकरी के कारण रहते हैं। खाड़ी देशों में बनने वाली युद्ध जैसी स्थिति उनके जीवन को अस्त-व्यस्त कर देगी।

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