सिंधी लोकनृत्य भारत के अन्य नृत्यों से काफी मेल खानेवाले हैं। रामलीला, रासलीला, गरबा आदि लोकनृत्यों का उनके ऊपर बडा...
१ ९४७ में भारत के विभाजन के बाद सिंधी, पंजाबी, बंगाली हिंदुस्तान में आए। सिंधी समाज भी सिंध (अब...
भिटाई घोटु अर्थात शाह अब्दुल लतीफ़ (1689-1752) सिंध के पहले महान सूफी कवि थे जिन्होंने सिंध के लोगों की आम...
मां के इस आज्ञावान पुत्र ने इस वचन का पूर्ण पालन किया। यह सच्चा सपूत था साधु वासवाणी। उनका जन्म...
झूलेलाल सिंधी समाज के धर्मसंस्थापक अर्थात इष्टदेव हैं। उनका जन्मदिवस चैत्र मास की द्वितीया को आता है। उसे सिंधी समाज...
असल में उल्हासनगर कोई शहर नहीं था, सेना का कल्याण कैम्प था। 1947 के दरम्यान सिंध प्रांत से आए हुए...
प्राचीन काल के भारत के प्रवेश द्वार के बारे में सोचने पर सिंध का नाम तुरंत ध्यान में आता है।...
धर्म के आधार पर राष्ट्र का निर्माण करने की संकल्पना ही गलत है। अगर धर्म किसी राष्ट्र की नींव है...
विभाजन के बाद सिंधियों ने भारत माता की गोद में शरण ली। यह गोद तो सदा से हमारी थी, मगर...
सिंधी हिंदुओं ने सबसे पहले इस्लाम का आक्रमण झेला। मुस्लमान आक्रमणकारियों को सिंध के हिन्दूे 400 वर्षों तक हराते रहे।...
सन 1947 में भारत का विभाजन एक ऐसा भूकम्प था, जिसने समृद्धशाली सिंधी जाति को तहस-नहस कर दिया। इस बंटवारे...
सिंध, हम समस्त सिंधियों (सिंध के सिंधी, हिंद के सिंधी एवं शेष विश्व के प्रवासी सिंधियों) की जननी है, मां...
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