“वाह! बेटा वाह! मैं जीवनभर दिवाली अपने अहंकार के साथ नकारात्मक मनाता रहा। असली दिवाली का उत्सव तो तुमने मनाया...
स्वयं पर विश्वास होना यह सबसे बड़ी शक्ति है। अपने सामर्थ्य का आत्मबोध बहुत आवश्यक है। वह यदि नहीं होगा...
नैना सुबह पांच बजे उठ गई। उसने जल्दी- जल्दी कुछ घर के काम किए और फिर भगवान और बड़ों को...
“एक ओर तो मुझे अपराध-बोध हो रहा था कि मैं स्वयं सिद्धि और देव के लिए कुछ नहीं कर पाया;...
“चलने से पहले एक भरपूर निगाह मकान पर डालता हूं। ऐ मेरे मन, रोना नहीं, रोना नहीं -खुद से कहता...
“दुखी गांव वालों ने खोये हुए आदमी की याद में उसकी एक मूर्ति बना कर गांव के बीचोंबीच स्थापित कर...
निकिता बहुत उमंग में थी, क्योंकि उसके पति नितिन ने एक लम्बे अरसे बाद उसे सिनेमा ले जाने की बात...
आज तनुज की बेरुखी हार गई थी और घरवालों का प्यार जीत गया था... आखिर जैसा भी है लेकिन मेरे...
मां मैं आपको समझना चाहती हूं, आपके मन की बातें सुनना चाहती हूं, जीवन की वे हिदायतें सुनना चाहती हूं...
बाबा बाबा बचाओ की चीख सुनकर मैं कम्प्यूटर पर काम करना छोड़कर नीचे दौड़ पड़ा. सीढ़ियां उतरते उतरते मेरे दिल...
‘‘प्रकाश को बीच में आया देखकर मंगलसिंह समझ गए थे कि युद्ध का कमान अब पुरानी पीढ़ी से हट कर...
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