सफलता की कहानी

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दुनिया भर में विकलांगों को दोयम दर्जे का स्थान प्राप्त होता है, जबकि सही दिशा मिलने पर वे भी सामान्य जनों की ही भांति जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में बेहतरीन मुकाम हासिल कर सकते हैं। सरकारों ने उनकी तरफ ध्यान देना शुरू कर दिया है परंतु समाज को और जागरुक होना पड़ेगा ताकि समाज का यह प्रभाग भी पूरी तरह मुख्य धारा के साथ चल सके।

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर होता भारत

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12वें डिफेंस एक्सपो ने संसार को दिखा दिया कि हम आयात करने वाले राष्ट्रों की श्रेणी से बाहर निकल कर प्रमुख निर्यातक राष्ट्रों के ग्रुप में पहुंच गए हैं। इससे हमारी रक्षा प्रणाली तो मजबूत होगी ही, वैश्विक स्तर पर साख में भी बढ़ोत्तरी होगी। प्रधान मंत्री के व्यक्तिगत दिलचस्पी की वजह से इस क्षेत्र में राष्ट्र के प्रगति की अपार सम्भावनाएं हैं।

आओ पहल करें

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प्रदूषण नियंत्रण के लिए हमें किसी दिन विशेष पर आश्रित होने की बजाय सामाजिक स्तर पर बहुत तेजी से कार्य करना चाहिए, क्योंकि इस महामारी ने बहुत खतरनाक रूप धारण कर लिया है। यदि लोग अभी नहीं चेते तो बहुत तेजी से इसके दुष्परिणाम सामने आएंगे और मानव जीवन खतरे में पड़ जाएगा।

भारतीय डिजिटल करेंसी का अर्थ

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भारत सरकार द्वारा जारी की गई डिजिटल करेंसी ‘ई-रुपी’ को बहुत सारे लोग बिटकॉइन इत्यादि की भांति समझ रहे हैं, जबकि यह पूरी तरह भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी किए गए डिजिटल नोट हैं, जिसमें हर नोट का अलग नम्बर होगा। अंतर यही होगा कि वह नोट अब आपके बटुए की बजाय डिजिटल रूप में होगा। इस योजना से नोटों की छपाई पर होने वाले खर्च में भी कटौती की जा सकेगी।

गलतियां न दोहराना ही  श्रद्धांजलि…

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मोरबी हादसा कोई दुर्घटना मात्र नहीं बल्कि प्रशासनिक और मानवीय लापरवाही का प्रतीक है। इस पर राजनीति करने की बजाय ऐसे हादसे दोबारा न होने पाएं, इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए। पुल की मरम्मत का ठेका एक घड़ी बनाने वाली कम्पनी को दिया जाना भी एक बड़ा मुद्दा है। देश भर के ठेकों को लेकर एक सार्थक मानक तय किए जाने की आवश्यकता है।

ऋषि सुनक एवं उनसे पूर्व के राष्ट्र प्रमुख

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ऋषि सुनक का इंग्लैंड का प्रधान मंत्री बनना तो एक बानगी मात्र है। इससे पहले समय-समय पर विश्व के हर कोने में भारतवंशी राष्ट्र प्रमुख होते रहे हैं परंतु ऋषि का इस पद तक पहुंचना इसलिए बहुत अर्थ रखता है कि वे उस ग्रेट ब्रिटेन की सत्ता के शिखर पर पहुंचे हैं जिसने भारत पर 200 वर्षों तक राज किया था।

अराजकता से घिरा पाकिस्तान

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पाकिस्तान की राजनीति में हिंसा हमेशा से ही बड़ा रोल निभाती रही है। प्रशासन के सभी अंगों के बीच की तनातनी के कारण वहां विकास की लहर कायदे से पहुंच ही नहीं पाई। वहां की आंतरिक उथल-पुथल उनके द्वारा पोषित आतंकवाद की छाया भी हम पर हमेशा पड़ती रही है, परंतु वर्तमान भारत सरकार ने पाकिस्तान को हर मोर्चे पर शिकस्त देने की तैयारी कर ली है।

विश्व में बजता भारतवंशियों का डंका

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एक भारतवंशी का किसी यूरोपीय देश, खासकर ब्रिटेन का प्रधान मंत्री बनना बड़े गर्व की बात है। भारतवंशियों की विशेषता है कि वे जहां भी गए वहां पर भारतीय मूल्यों के विस्तार के साथ ही साथ उस स्थान के विकास में अपना पूर्ण योगदान दिया। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी का प्रयास है कि उन भारतीयों का मौलिक योगदान भारत की श्री में वृद्धि करे तथा भारत की प्रतिभा का पलायन रुके।

नृशंस हत्या के पीछे की संस्कृति

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पूर्वनियोजित योजना और समाज के सहयोग से हिंदू लड़कियों को बरगलाकर आबादी बढ़ाने की परम्परा मुस्लिम समाज की सहज प्रवृत्ति बन चुकी है। इसी कड़ी में एक पैंतरा जुड़ गया है, शादी की बात करने वाली लड़की की नृशंस हत्या कर देना। इस तरह के मामलों में चाहे लड़का हो या लड़की, शिकार हिंदू ही होता है।

यह प्रेम नहीं, लव जिहाद है

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श्रद्धा के साथ हुई बर्बर घटना ने समूचे देश को झकझोर कर रख दिया है। अब समय आ गया है कि पूरा हिंदू समाज लव जिहाद के विरुद्ध खड़ा हो ताकि किसी भी लड़की के इस प्रकार के झुकाव के शुरुआती दौर में ही लगाम लगाया जा सके। उससे भी पहले एकजुट होकर ऐसा सार्थक प्रयास किया जाए कि लड़कियों का झुकाव ही इस तरफ न हो सके।

वामपंथी वैचारिक लड़ाई का व्यापक रणक्षेत्र

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वामपंथियों ने समूचे भारतवर्ष को एक वैचारिक युद्ध क्षेत्र में बदल दिया है। वे संघ की सनातन संस्कृति को आगे ले जाने वाली नीतियों को लेकर हमेशा मुखर रहते हैं तथा उन्हें देश का लोकतंत्र खतरे में नजर आने लगता है। इन देश विरोधी प्रवृत्तियों का पोषण नेहरू और इंदिरा के राज में ही शुरू हो गया था।

ग़ड़रिया बने हिंदू समाज

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लैंड जिहाद के माध्यम से ये लोग हिंदुओं की भूमि को हथियाने के लिए तरह-तरह के रास्ते अपनाते रहते हैं। किसी की जगह पर हरा कपड़ा डालकर मजार बना देना और धीरे-धीरे उसके आस-पास चबूतरा बना कर वह जमीन हथिया लेना या कैराना जैसी सुनियोजित घटना को अंजाम देना आदि उनके ‘मंसूबों’ को साफ करते हैं।

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