आदिम मानव से आज के सभ्य मनुष्य की सहस्रों वर्ष की यात्रा में भारतीय साहित्य ने अनेक रूप बदले; लेकिन...
नर्मदा परिक्रमा करते वक्त उसके किनारे बसे छोटे-छोटे अविकसित गांव और उनके बाशिन्दे सीधे-सरल ग्रामीण दिखाई देते हैं| वे सब...
कभी पेट भरने के लिए, कभी रोजगार के लिए, कभी पानी के लिए अपनी पीठ पर अपनी दुनिया उठाए स्थलांतरित,...
आज हमें ग्रामों में शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता है, ग्राम का शहरीकरण करने की नहीं| ग्रामों को सुविधाओं...
गांवों के लिए शिक्षा प्राथमिकता नहीं आवश्यकता है| आज ग्रामीण शिक्षा के लिए एक क्रांति की तरह काम करना होगा|...
देश में लगभग ६ लाख गांव हैं| समस्त महाजन हर गांव का महज १० लाख रु. में विकास करने की...
ऋषि और कृषि, भारतीय ग्राम्य संकल्पना और व्यवस्था के आधार रहे हैं| इस परंपरा ने केवल मानव को जीवन जीना...
मैं बुन्देलखण्ड के एक गांव की चौपाल हूं। यहां की स्थानीय बोली में चौपाल को ‘अथाई’ कहते हैं जो शायद...
आज की पत्रकारिता व्यावसायिक है, शहरी हो गई है| ग्रामीण पत्रकारिता अपने अस्तित्व की चुनौती से जूझ रही है| पत्रकारिता...
म.गांधीजी केवल अतीत के ही नहीं वरन् भविष्य के भी मार्गदर्शक हैं| उनके संदेश अमर हैं एवं वे तब तक...
ग्राम विकास’ शब्द आजकल सभी ओर छाया हुआ है। भारत गांवों का देश होने के कारण यदि गांवों का विकास...
जलगांव स्थित गांधी रिसर्च फाउण्डेशन समग्र गाम विकास को मूर्त रूप देने में लगा हुआ है| इसके तहत रास्ते, क्लास...
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