पिछले दिनों समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचारों में समाज में हर स्तर पर बढ़ रही हिंसक गतिविधियों...
मन की निर्विचार अवस्था साध्य कर पूर्ण निरोध और उससे कैवल्यावस्था साध्य करना मन:शांति की अंतिम अवस्था है। आधुनिक समय...
पतंजलि ॠषि योगशास्त्र के साथ साथ व्याकरण, योग, आरोग्य आदि शास्त्रो में भी पारंगत थे। उन्होंने पहला सूत्र बताया है...
इस संसार में मनुष्य सर्वाधिक विवेकशील प्राणी है। क्योंकि उसे बुद्धि के साथ ही विवेक भी दिया गया है और...
संस्कृत शब्द ‘योग’ युज धातु से बना है, जिसका अर्थ है जोड़ना, परस्पर जुड़ना या युगल बनना, लैटिन में यही...
सुख-सुविधाओं तथा भागदौड़ भरी आज की जिंदगी में हम अपनी मानसिक शक्ति और शारीरिक शक्ति से लगभग ३ गुना...
प्राचीन ग्रंथ खंगालकर प्रेक्षाध्यान को खोज लाकर, उसका पुनरुद्धार कर, उसमें नए प्रयोग जोड़कर उसे वर्तमान युगानुकूल बनाकर आचार्य श्री...
यह भी सच है कि केवल मांस पेशियों को सशक्त करने, शक्ति संपन्न होने जैसे एकांगी विचार भी शरीर-विकास की...
पुरातन काल में मानव का रहन-सहन प्रकृति के अनुसार होता था। जीवन सुचारू रुप से चलता था। मन शांत होता...
ध्यानयोग के बारे में चर्चाएं तो बहुत हैं , लेकिन इसके बारे में विस्तार से समझने का अवसर बहुत कम...
प्रसिद्ध घोषमंत्र जिस एकमेवाद्वितीय संस्था का है उस नागपुर स्थित प्रसिद्ध ‘योगाभ्यासी मंडल’ की स्थापना परमपूज्य परमहंस...
ऊर्जा के क्षेत्र में भारत २२,५०० मेगावाट अधिक बिजली पैदा करने में सफल रहा है। हालत यह है कि सरकारी...
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