पति के रोज -रोज के तानों से शाश्वती तंग आ चुकी है। वाकई वैवाहिक जीवन दोधारी तलवार की तरह है।...
उ त्तम मातृभक्त तो था ही, भगवान के प्रति भी उसकी बहुत आस्था थी| वह हर वर्ष गणेश चतुर्थी के...
गोपाल के पिता की आर्थिक स्थिति ठीक न थी, फिर भी उसके पिता की इच्छा थी कि उसे पढ़ा-लिखा कर...
समय को कौन रोक सकता है? वह अपनी रफ्तार में आगे बढ़ता जाता है। हम लाख उसे पकड़ कर रखना...
देश में प्रचलित पर्व-उत्सव-मेले-त्योहार केवल आनंद भोग के लिए ही नहीं हैं, अपितु इनके पीछे का मुख्य मंतव्य जीवन को...
दोनों की रोशनी की तलाश खत्म हुई और जगमगाते उजाले लेकर दीवाली की वह रात आई जिसका न जाने कब...
मंत्री बांके बिहारी का दरबार सजा हुआ था। दरअसल जब भी मंत्री जी अपने घर आते, तो इलाके के सब...
गांव बचपन में ही छूट गया था लेकिन भइया भाभी के कारण रिश्ता नहीं टूटा था। कुछ वर्षो तक तो...
कभी-कभी आप जिससे नफ़रत करते हैं, आपको उसकी भी आदत पड़ जाती है। यदि अचानक वह नहीं रहे तो आपके...
असमी भाषा में माधव कन्दली समेत अनेकों ने रामायण लिखे। सब का आधार वाल्मिकि रामायण था। कथा के कुछ प्रसंग...
अगर गांव के बुजुर्ग लोग सिरूक के नीचे डूबने तक बाहर बैठते तो खेती-बारी करने के लिए जंगल काटने का...
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