वक्त हर जुर्म तुम्हें लौटा देगा

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पर्यावरण दो शब्दों के मेल से बना है। परि और आवरण। परि अर्थात अच्छी तरह और आवरण अर्थात संरक्षीत। दूसरे शब्दों मे हम यह कह सकते हैं कि पर्यावरण हमारी पृथ्वी का एक ऐसा आवरण या रक्षा कवच है जो हमारे समस्त जीवों को पहाड़ों, नदियों, सागरों और वनों की अनुकुल प्राकृतिक परिस्थितियां और वायु मण्डल में सांस लेने योग्य प्राणवायु की पर्याप्त उपस्थिती के योग से निर्मित होता है।

विद्यालय, ग्राम मौसम वेधशाला

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भारत शीतोष्ण कटिबंध में स्थित है। यहां पर मानसूनी जलवायु पायी जाती है, जिसमें तीन ऋतुएं वर्षा, ग्रीष्म और शीत होती हैं। इनमें सबका अपना महत्व है, किन्तु वर्षा ऋतु सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है।

पश्चिम घाट और पर्यावरण

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पश्चिम घाट का उल्लेख करते ही पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील कहे जाने वाले 39 स्थानों का क्षेत्र नेत्रों के समक्ष आ जाता हैं। महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु इस राज्यों में फैला हुआ पश्चिम घाट जैव विविधताओं से परिपूर्ण है।

पर्यावरण संरक्षण से प्रेरित उद्योग- सुदर्शन

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सुदर्शन केमिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड अपने व्यवसाय के साथ ही सामाजिक कार्यों में आगे बढ़ रही है। समाजोपयोगी कई कार्य इन्होंने किये हैं। सन 1976 में इन्होंने जे एम. राठी इंग्लिश स्कूल की स्थापना की।

‘कार्यमग्नता ही जीवन हो’- श्रीकान्त जोशी

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समय था सन् 1962 में ईशान्य भारत पर हुए चीनी आक्रमण का। अनपेक्षित रूप से हुए आक्रमण के कारण हिंदी-चीनी भाई-भाई का जाप करने वाली सरकार त्रस्त हो गई थी।

वेंचर्स की उड़ान

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1985 की बात है। दक्षिण मुंबई में किराये का एक छोटा सा कमरा दो मेजें, दो कुर्सियां, एक टाइपराइटर, एक ड्राइंग बोर्ड, कुछ ब्रश, पेन और रंग। तीन लोग और शुरू हो गयी विज्ञापन की दुनिया में वेंचर्स की एक साहस भरी यात्रा, इस उद्देश्य के साथ कि बहुत बडा तो नहीं बनना है, लेकिन काफी छोटा भी नहीं रहना है।

पर्यावरण मित्र- रोहा इंडस्ट्रियल असोसिएशन

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रोहा की घाटाव औद्योगिक बसाहत की ओर अनेक भूमिकाओं से देखा जाता है। स. गो. वैद्य ने रोहा के विकास का स्वप्न देखा और उसे रोहा के सुपुत्र केन्द्रीय अर्थमंत्री डॉ. चिंतामन राव देशमुख के माध्यम से साकार किया।

रणक्षेत्र व्यापक है

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कुछ पाकिस्तानी सैनिकों ने भारत की सीमा में प्रवेश कर भारत के दो सैनिकों की हत्या कर दी। लांसनायक हेमराज मथुरा के पास एक गांव का रहनेवाला था और सुबेदार सिंह राजस्थान का।

वह!

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उसका नाम क्या था, मुझे मालूम नहीं, क्योंकि उसका नाम लेकर पुकारते नहीं कभी किसी को सुना था। वैसे किसको फुरसत है जो दूसरे के बारे में जानने का प्रयास करे, उसके प्रति सहानुभूति दर्शाये। पीठ पीछे आलोचना करने का भी एक अलग मज़ा है।

गौवंश संरक्षण के द्वारा पर्यावरण सुरक्षा

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धर्म-अर्थ-काम व मोक्ष पुरुषार्थ की भारतीय संस्कृति के हरेक अंग एक दूसरे के पूरक हैं, सहायक हैं। उस संस्कृति के अंतर्गत जगवत्सल हमारे ऋषि-मुनियों द्वारा निर्मित व्यवस्थायें प्रकृति के साथ सुसंगत हैं, साधन-शुद्ध हैं, साध्य शुद्ध है, सचराचर जगत के लिए अभय-प्रदाता है, अहिंसक हैं।

चंद लम्हों की दासतां…..

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विदेश में भारतीय लिबास पहने लंबे घने बालों वाली एक लडकी रंगोली बना रही है और पास ही लगभग उसी की उम्र का एक युवक बाल खेल रहा है। युवक की बाल का रंगोली पर गिरती है, वह बाल वापिस लेने आता है। दोनों की पहचान होती है, दोस्ती होती है।

एक मजबूत प्रधानमंत्री

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‘‘भारत के इतिहास में इतना सशक्त प्रधानमंत्री आज तक नहीं हुआ, जितने कि हमारे मनमोहन सिंह है।’’ भोलाराम ने कहा। ‘‘क्या प्रमाण है?’’

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