“संघ कार्य और विचार सर्वव्यापी और सर्वस्पर्शी बन रहा है, बढ़ रहा है। इसके पीछे मूल हिंदू चिंतन से प्रेरित...
भारतीय बैंकिंग क्षेत्र की गौरवशाली परम्परा रही है; लेकिन वर्तमान में वह कठिन दौर से गुजर रहा है। सरकारी बैंकों...
स्वाधीनता के बाद देश के हर क्षेत्र में भ्रष्टाचार बेहद हावी हो गया है। अनगिनत घोटाले हुए हैं। इसके मूल...
1991 के बाद से देश आर्थिक सुधार की जिस राह पर आगे बढ़ा, उस पर संप्रग सरकार के दूसरे कार्यकाल...
“मैंने बड़े समीप से उन्हें देखा है। कब किस बात पर उनकी त्यौरियां चढ़ती-उतरती और कब उनकी आंखें अलग-अलग विषयों...
अत्याधुनिक साधनों और टेक्नोलॉजी से अस्पतालों मे बहुत परिवर्तन आए हैं। जेनेरिक दवाओं का नया क्षेत्र विकसित हो रहा है,...
रक्षा के क्षेत्र में भी स्वाधीनता के बाद भारी बदलाव हुए हैं। थोड़ा-बहुत काम हुआ है, बहुत कुछ करना बाकी...
उदारता और सहिष्णुता, विदेशियों को शरण और वचनबद्धता जैसे उदात्त गुणों के अतिरेक के कारण भारत विडंबनाओं और चुनौतियों के...
हम सब एक संक्रमण काल से गुजर रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में बदलावों की गति बहुत तीव्र रही है।...
“एक ओर तो मुझे अपराध-बोध हो रहा था कि मैं स्वयं सिद्धि और देव के लिए कुछ नहीं कर पाया;...
वीडियो कॉलिंग, कान्फ्रेंसिंग और वेबिनार की सुविधा ने सूचना क्रांति को और आगे बढ़ा दिया है। निजी और कम्पनी क्षेत्र...
जैविक खेती के प्रति अति मोह और राजनीतिक स्टंटबाजी के कारण सिक्किम में अनाज उत्पादन बहुत तेजी से घटता चला...
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