आज फिर से जरूरत है उसी देश भक्ति और देश प्रेम की जिसमें आक्रोश था! गुस्सा था! गुलामी की जंजीरों...
अंग्रेजों के मन में भारतीय वैज्ञानिकों के प्रति उपेक्षा का भाव इतना अधिक गहरा था कि भारत की समृद्ध वैज्ञानिक...
क्या राष्ट्र के नागरिकों के मध्य अल्पसंख्यक औऱ बहुसंख्यक की शर्मनाक औऱ विभेदकारी अवधारणा को हम अपनी उपलब्धियों के रूप...
स्व.भुजंग लक्ष्मण वेल्हाल उपाख्य अप्पाजी जन्म :- १९ /१२/1922 स्वर्गारोहण:- ०१/०८/२०२१ भारत के उत्तर पूर्वांचल के मणिपुर राज्य के इंफाल...
दरअसल अब नई शिक्षा नीति के अंतर्गत वास्तव में राष्ट्र की लुप्त कर दी गई सांस्कृतिक संपदा के महत्व को...
जो राष्ट्र अपनी सीमाओं का विस्तार नहीं करता वह धीरे-धीरे सिमटता चला जाता है और अपने पतन को प्राप्त होता...
कहते हैं आगे बढ़ने के प्रयासों के दौरान पड़ने वाले आराम दायक पड़ावों को मंजिल मान लिया जाए, तो फिर...
आजादी के 7 दशकों के बाद भी देश के तंत्र का भारतीयकरण करना शेष है। स्वदेशी, स्वभाषा और स्वाभिमान किसी...
डॉ. मोहन जी ने कहा, हिंदू- मुस्लिम एक हैं इसका कारण हमारी मातृभूमि एक है। पूजा- पद्धति अलग होने के...
स्वतंत्रता का 75 वां वर्ष किसी देश के लिए महोत्सव का अवसर होने के साथ आत्मनिरीक्षण का भी समय होता...
भारतीय इतिहास में वीर शिरोमणि दुर्गादास के नाम को कभी परिचय की आवश्यकता नहीं रही. मारवाड़ के इस वीरपुत्र और...
पटना । आठ अगस्त से मिथिला स्टूडेंट यूनियन (एमएसयू)के सदस्यों की ओर से दरभंगा एम्स निर्माण को लेकर घर-घर जाकर...
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