‘मिले सुर मेरा तुम्हारा ... ’’ के बाद हमने ‘‘बने सरगम हर तरफ से गूंजे बनकर। ’’ जिंगल बनाया। ‘‘मिले...
;इलेक्ट्रोनिक इस्ट्रूमेंट या आधुनिक तकनीक हमारे वाद्यों के लिए, हमारे संगीत समाज के लिए बहुत ही खतरनाक है। दस इस्ट्रूमेंट...
पार्श्वगायन के क्षेत्र में बहुत स्पर्धा है। पहले जैसी ‘मोनोपली’ अब नहीं रही। रोज एक नई आवाज से पहचान होती...
वह समय ही अलग था। हमारी अन्य संगीतकारों के साथ प्रतियोगिता नहीं थी ऐसा मैं नहीं कहूंगा और किसी को...
स्वामी विवेकानंद के कथन के अनुसार ‘कला निरंतर सृजनशील ही होती है।’ मनुष्य का अन्य कलाओं की अपेक्षा संगीत कला...
रेडियो; बीते कल का हो, आज का, उसका आधार, उसके कार्यक्रमों की धुरी भारतीय फिल्म संगीत और उससे जुड़ी हस्तियां...
कलाकार के चेहरे से जब रंग उतर जाता है तब यथार्थ आगे आ जाता है। उसका सामना करने का साहस...
मेरे जीवन में आए बदलाव में ‘इस्कॉन’ संगीत का अत्यंत मौलिक योगदान है। संगीत ध्यान है। साथ ही जीवन को...
संगीत ईश्वर का दिया हुआ एक ऐसा दिव्य उपहार, एक ऐसा वरदान है जिसके माध्यम से इस भव जगत को...
“नई पीढ़ी को शास्त्रीय संगीत समझने में भी कुछ समय लगेगा। जो अच्छा और मौलिक होगा वह जरूर टिका रहेगा।...
स्वर, लय और ताल के साथ शब्दों के स्वरों की अदायगी की अनुभूति केवल भावों द्वारा ही स्पष्ट होती है।...
खां साहब पल भर के लिए भी स्वर संवेदन नहीं बिसरे थे जिसकी अनुभूति कई बार श्रोताओं ने अनुभव की...
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