प्रवचन
अभी सूर्योदय नहीं हुआ था मगर चारों ओर मटमैला प्रकाश फैलने लगा था। तमाम भिक्षु कलंदक झील में स्नान करने ...
रामघाट के प्रपातों को देखकर सहस्रधारा का स्मरण हो आया। अंतर यह है कि सहस्रधारा के प्रपात दूर-दूर तक बगरे ...
अंधकार मानव के जीवन में कई रूपों में आता है। कभी-कभी यह अंधेरा इतना घना होता है कि इसे मिटाने ...
दीपमालिका प्रकाश का पर्व है। घर-आंगन, गली और चौबारा-सर्वत्र दिये जलाकर आलोक के प्रति आस्था व्यक्त करने का यह पावन ...
सारी दुनिया इस समय तेल के पीछे दीवानी है। तेल के लिए चल रहा यह युद्ध प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों ...
मनोरम निसर्ग के बीच पगडंडी से चलना आरंभ हुआ। आगे क्या होगा, कैसे होगा, चढ़ाई के कितने कष्ट होंगे आदि ...
पाकीजा फिल्म में राजकुमार का यह संवाद याद आता है? पाकीजा याने शुद्ध, पवित्र! एक नर्तकी के जीवन में एक ...
हिमालय के बर्फाच्छादित शिखर मुझे हमेशा निमंत्रण देते रहे हैं। फिर भी, कैलास मानसरोवर जाऊंगा यह कभी सोचा ही नहीं ...
सन 2014 में, याने अब से 6-7 महीनों के बाद लोकसभा का चुनाव होगा। लोकसभा का चुनाव इस वर्ष के ...
कोई माने या न माने, पर मुझे संजय की तरह दिव्य दृष्टि प्राप्त हो गयी है और मैं भली भांति ...
ब्रह्म सत्य है, पवित्र है, सुंदर है। ब्रह्म का ही दूसरा रूप है यह सृष्टि। इसलिए सृष्टि का हर रूप ...
दिवाली और फिल्म जगत का नाता बहुत ही घनिष्ठ, बहुरंगी और पुराना है जो कि पर्दे पर अर्थात ऑनस्क्रीन तथा ...
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