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“विवेक संवाद” की संगोष्ठी में “टेक ए बिग लीप” पर विचार मंथन

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देश की चौतरफा प्रगति तथा भौतिक और सामाजिक विकास केवल पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय और भारतीय संस्कृति पर आधारित विचारों से ही संभव है। ’ उक्त विचार केंद्रीय सड़क परिवहन व नौवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी ने २८ जून को ‘विवेक स

भारतीय रेल का एवरेस्ट: चिनाब पुल

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शिवालिक की पहाड़ियों के बीच चिनाब नदी पर बन रहा नया पुल ऊंचाई, डिजाइन और भारतीय इंजीनियरिंग कारीगरी का नायाब नमूना होगा, जिसकी मिसाल सदियों तक दुनिया भर में दी जाएगी। यह एफिल टॉवर और कुतुब मीनार से भी ऊंचा होगा। भारतीय रेलवे जल्द ही दुनिया में एक नया इत

असाधारण राष्ट्रपति

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श्री रामनाथ कोविंद एक असाधारण राष्ट्रपति होंगे और गरीबों, दलितों तथा वंचितों के लिए लगातार एक मजबूत आवाज बने रहेंगे; इसका मुझे पूरा विश्वास है। ...उनकी विधि क्षेत्र की उत्कृष्ट जानकारी से राष्ट्र को लाभ होगा। किसान पुत्र श्री कोविन्द साधारण पृष्ठभूमि से ह

व्रत त्यौहार और सामाजिक समरसता

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‘‘व्रत -त्यौहारों के दिन हम देवताओं का स्मरण करते हैं, व्रत, दान तथा कथा श्रवण करते हैं, जिससे व्यक्तिगत उन्नति के साथ सामाजिक समरसता का संदेश भी समाज में पहुंचता है। इसमें ही भारतीय संस्कृति के बीज छिपे हैं। ’’   हमारे सम

ट्रंप का सामंजस्य और ड्रेगन की भड़ास

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भारतीय अप्रवासियों के विरोध में अमेरिका में बढ़ते माहौल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वहां जाना व इस बात को स्थापित करना कि भारत व भारतीय सदैव अमेरिका के विकास में सहायक ही रहे हैं व भविष्य में भी सहायक ही रहेंगे; एक बड़ी व ऐतिहासिक उपलब्धि रही है।

रिश्ते की डोर

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सौरभ और गीता की बातें सुन शांति की आंखों में आंसू आ गए। दिल बोल उठा, जिनका खून का कोई रिश्ता नहीं, वह भी आज राखी के ‘रिश्ते की डोर’ से एक हो गए। ’’ प्रवासी पिता हीरामन अपने देश की माटी और संस्कृति की याद को अब तक भूल नहीं पाए थे

कांग्रेस मुक्त राष्ट्रपति भवन

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रामनाथ कोविंद के भारत के चौदहवें राष्ट्रपति बनने के साथ ही बरसों से कांग्रेस के एकाधिकार वाला राष्ट्रपति भवन भी कांगे्रस मुक्त हो गया। उनके दलित होने की चर्चा भाले ही जोरशोर से हुई हो परंतु उनके राजनैतिक सफर को भी कम नहीं आंका जाना चाहिए। भारत के चौदहव

परमाणु हथियारों का ‘नो फर्स्ट यूज’

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भारत के अमेरिका और इजराइल से घनिष्ठ होते सम्बंधों को देख कर पाकिस्तान और चीन भारत से खार खाए बैठे हैं। चूंकि वैश्विक दबाव के चलते खुले आम भारत पर हमला करना संभव नहीं होगा; अत: वे आत्मघाती मानवी परमाणु बम का उपयोग करने में भी नहीं हिचकिचाएंगे। ‘अ

राख से उभरा इजराइल

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सारे उदाहरणों, कहानियों और कथाओं के साथ ही साथ एक किंवदंती भी चलायमान रही कि पिछले दो हजार सालों तक धराविहीन रही एक कौम अभी तक जिंदा है। जिंदा ही नहीं है बल्कि दुनिया की बौद्धिक क्षमता के पांचवें भाग की मालिक है। उस कौम की आधुनिक उपलब्धियां भी किंवदंती बन

इजराइल की ऐतिहासिक यात्रा के निहितार्थ

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऐतिहासिक इजरायल यात्रा में क्या समझौते हुए ये ज्यादा मायने नहीं रखते, मायने इसके हैं कि इजरायल ने हमें कैसे लिया तथा भविष्य के लिए इसमें क्या संकेत छिपे हैं। ...साझा पत्रकार वार्ता के दौरान दोनों देशों ने स्वयं को जिस तरह आतंक

उपराष्ट्रपति पद के प्रबल दावेदार

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साल १९६६ के दूसरे पखवाड़े की बात है। दो साल पहले हुई नेहरू की मौत के बाद देश को बड़ी ही कुशलता से प्रगति के पथ पर ले जा रहे दूसरे प्रधान मंत्री लालबहादुर शास्त्री की तत्कालीन सोवियत संघ (रूस) के ताशकंद में मौत हो चुकी थी। १९६२ के घावों पर मरहम लगाने वाला सप

पूर्वी हिमालय में भी ड्रैगन की साजिश

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डोकलाम में भारतीय व चीन सेनाएं भले ही आमने-सामने हो; लेकिन १९६२ को अब दोहराया नहीं जा सकता। वैश्विक परिदृश्य इतना बदल चुका है कि चीनियों की भौगोलिक और आर्थिक विस्तारवादी नीतियों के प्रति महाशक्तियों के कान खड़े हो चुके हैं। पूरे हिमालय में पश्चिम से लेकर प

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