मेहनत ने दिलाई मंजिल

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लगन, निश्चय, द़ृढ़ प्रतिज्ञा अगर हो तो मुश्किल मंजिल भी आसान लगती है। मालाड उपनगर में रहने वाली प्रेमा जय कुमार पेरुमल ने पहली ही कोशिश में न केवल चार्टर्ड एकाउटेंट की परीक्षा उत्तीर्ण की, अपितु उसने देश में पहला स्थान अर्जित किया। प्रेमा को 800 में से 607 अंक प्राप्त हुए।

कश्मीरी मन

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अफजल गुरू की फांसी के बाद कश्मीर से जो प्रतिक्रियाएं आ रही हैं उनमें काफी विरोधाभास है। राजनेता कुछ कह रहे हैं और वास्तविक परिस्थिति कुछ और है। इस लेख के माध्यम से हमने वहां की परिस्थतियों को आपके सामने रखा है। इस लेख पर हमें आपकी प्रतिक्रियाएं अपेक्षित हैं।

सशक्ति करण के चार दशक

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साई एडवरटाइजर शायद भारत की पहली विज्ञापन एजेंसी है जो एक महिला श्रीमती गुलेशन पटेल द्वारा स्थापित की गई और चालीस वर्षों के बाद भी सफलतापूर्वक चल रही है।

बचत गट

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पिछले कुछ दशकों में भारतीय महिलाओं ने विभिन्न क्षेत्रों में खासकर जिन्हें पुरुष प्रधान क्षेत्र माना जाता उनमें स्वयं की मिसाल कायम की है। उन्होंने उन क्षेत्रों में पुरुषों को भी दो कदम पीछे छोड़ दिया है। फिर भी महिलाओं के लिये 33% का आरक्षण मिलने में लंबा अरसा बीत गया।

भारत की विदूषी महिलाएं

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विश्व ने इस बात को प्रखरता से स्वीकार किया है कि भारत वंदनीय तथा पवित्र देश है। भारत देश धार्मिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक दृश्यों से परिपूर्ण है। इस देश को पारंपरिक महत्व भी प्राप्त है। विश्व महिला दिवस के संदर्भ में विचार करने पर भारतीय तेजस्वी स्त्रियों के अनेक आदर्श अपनी आंखों के सामने दिखाई देते हैं और उनके कार्य भी आज के दौर में सराहनीय तथा आदर्श होते हैं।

स्त्रियों के प्रति स्वामी विवेकानंद की भूमिका

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देखते-देखते 21 वीं सदी के 12 साल गुजर गये। आज स्त्री शिक्षा और अर्थाजन के क्षेत्र में पुरुषों के बराबर किंबहुना आगे ही नजर आती है। व्यक्ति स्वतंत्रता की पहचान, पुरुषों के कन्धे से कन्धा मिलाकर स्वत: का स्थान निर्माण करने की सिद्धता, समाज में सहज और स्वतंत्र बर्ताव, रहन-सहन में परिवर्तन इन सभी के साथ जीवन को जो एक गति मिली है उसने एक शतक में बहुत बडा परिवर्तन किया है।

भारत का वास्तुशास्त्र

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ये समूचा विश्व ही मेरा घर है, ऐसी संकल्पना सामने रखकर यदि संतश्रेष्ठ ज्ञानेश्वर की भूमिका के बीच इस विश्व के वास्तुशास्त्र के दृष्टिकोण से विवेचन किया गया तो कई उद्बोधक निष्कर्ष सामने आएंगे। उनकी उक्ति के आधार पर समूची पृथ्वी को एक वास्तु, एक घर मान लिया गया तो

सुरों की साधना

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संगीत में मेरा पदार्पण मेरी मां श्रीमती नीला घाणेकर की वजह से हुआ। वे स्वयं शास्त्रीय गायिका थीं। उन्होंने पुणे में दत्ता मारूलकर जी से संगीत की शिक्षा ग्रहण की और संगीत में विविद किया। शास्त्रीय संगीत के अलावा भक्तिसंगीत, लाइट म्यूजिक में भी उनकी रूचि थी। वे घर में संगीत की शिक्षा दिया करती थीं। कई विद्यार्थी उनके पास संगीत की सिखने आते थे अत: घर में हमेशा संगीतमय वातावरण रहता था।

विरोध में कहीं बौना न हो जाए भ्रष्टाचार का मुद्दा

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साहित्य सम्मेलन और विवाद अब आम बात हो गई है। अब तक हुए अनेक सम्मेलनों के नाम से जो कुछ हम-आप सुनते, देखते तथा पढ़ते हैं, वह सब कुछ विवाद से संबंधित होता है।

मैगसेसे पुरस्कार विजेता- नीलिमा मिश्रा

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बहादरपुर की सामाजिक कार्यकर्ता और रैमन मैग्सेसे अवार्ड विजेता नीलिमा मिश्रा ने बचत गट के माध्यम से आर्थिक कांती की और महिला स्वावलंबन के कार्यों को उच्च शिखर तक पहुंचाया।

नए सपने का उदय

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लोकसभा के चुनाव 2014 में होंगे। नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने कांग्रेस तथा कांग्रेसी विचारधारा के लोगों ने भारी विरोध दर्शाया है।भाजपा में भी सभी लोग नरेंद्र मोदी को अपने कंधे पर लेने के लिए तैयार हैं, ऐसा भी नहीं है, इसलिए मोदी ने युवकों से मिलने-जुलने, उनसे संवाद करना शुरु कर दिया है।

मोदी के भविष्य पर विचार

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भाजपा के नये अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने पार्टी के कार्यकर्ताओं को नरेन्द्र मोदी के भविष्य को लेकर अटकलें लगाने से मना कर दिया है। राजनाथ सिंह को अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के लिये यह आदेश जारी करना पडा कि वे यह सवाल बार-बार न पूछें कि क्या गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी का प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रुप में प्रचार किया जाये?

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