महात्मा ज्योतिबा फुले क्रांतिकारी समाज सुधारक

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19 वीं शताब्दी के प्रबोधनकाल के अधिकांश समाजसुधारक उच्चवर्णीय थे तथा उनके सुधार का विषय सफेदपोश शहरी थे। इस पार्श्वभूमि में महात्मा ज्योतिबा फुले बहुजन, दलित, किसान की उन्नति के लिए वातावरण निर्माण करने वाले बहुजन समाज के पहले समाज सुधारक, वैचारिक लेखक थे। भारत में स्त्री शिक्षा की नींव इन्होंने ही रखी, उनके शैक्षणिक विचारों तथा कार्यों का स्वयं ब्रिटिश लोगों ने खुला सम्मान किया था। महात्मा फुले के पूरे कार्य में उनकी पत्नी सावित्री बाई का बहुमूल्य योगदान रहा है।

चीन की प्रवृत्ति को समझें – श्रीगुरुजी

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चीन की ओर से विश्वासघात के रूप में कुछ हुआ नहीं, क्योंकि उसने तो कभी विश्वास दिलाया ही नहीं था। यह कहना ठीक नहीं कि चीन ने विश्वासघात किया। कहना यह चाहिए कि हम लोगों ने ही चीन की प्रकृति को समझा नहीं।

खामोश! प्रिंस टूर पर हैं…

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“देश उबल रहा है, किसान उबल रहे हैं, अदालत उबल रही हैं मगर राजकुमार कहीं ठण्ड में दुबके बैठे हैं। उनके टुटपुंजिये प्रवक्ता ही ऊटपटांग बयान देकर भाग निकलते हैं बस। खाामोश, चूंकि प्रिंंस टूर पर है।”

कर्मफल

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कन्याकुमारी मंदिर के पीछे चबूतरे पर अनेक यात्री सूर्योदय देखने के लिए एकत्रित थे। सब कुछ बड़ा ही रोमांचक था। अपने सप्तअश्व रथ पर सवार हो बाल सूर्य के आने की घड़ी आ गई थी।

चलने की आदत बनाए सेहतमंद

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एक भ्रांति यह भी है कि व्यायाम करने से थकान हो जाती है। वास्तव में 6 सप्ताह तक प्रतिदिन 25 मिनट व्यायाम करने से थकान की समस्या कम हो जाती है। शरीर की फिटनेस बढ़ जाती है, वैवाहिक संबंधों में मधुरता आती है तथा अवसाद की स्थिति में गिरावट आती है।

आस्था व भक्ति का कुंभ हरिद्वार

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हरिद्वार में आयोजित होने वाला कुंभ का मेला उत्तराखंड राज्य का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है। जो कि यहां के गंगा घाट पर 14 जनवरी मकर संक्रांति से चल रहा है। हरिद्वार कुंभ इतना अधिक प्राचीन है कि उसका सर्वप्रथम वर्णन सन 1850 के इंपीरियल गजैटियर में मिलता है। इस मेले में इस समय न केवल अपने देश के अपितु विदेशों तक के हर एक कोने से विभिन्न धर्म-जाति व संप्रदाय के असंख्य संत-महात्माओं, धर्मगुरुओं एवं भक्तों-श्रद्धालुओं का रेला उमड़ा हुआ है।

तृणमूल कांग्रेस में भगदड़ सहमी ममता

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ममता बनर्जी को वही लोग ललकार रहे हैं जिनके दम पर ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में राज किया लेकिन अब ममता बनर्जी के करीबी भाजपा के मंच से ममता बनर्जी को हराने की खुली चुनौती दे रहे हैं। भाजपा की रणनीति से सहमी तृणमूल कांग्रेस ने वाम मोर्चा और कांग्रेस से भाजपा की सांप्रदायिक एवं विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ लड़ाई में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का साथ देने की अपील की। पर कांग्रेस और वाम दलों ने तृणमूल कांग्रेस की इस सलाह को सिरे से खारिज कर दिया।

किसान आंदोलन के पीछे छिपे साजिशी चेहरे

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कृषि कानूनों के स्थगन व उन पर विचारार्थ समिति गठित करने का उच्चतम न्यायालय का हालिया आदेश न सरकार के विरुद्ध है, न आंदोलनरत संगठनों और विरोधियों के पक्ष में। तभी तो विरोधी दलों की प्रतिक्रिया तिलमिलाहट भरी रही है।

बर्ड फ्लू सतर्कता जरुरी

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भारत में आए बर्ड फ्लू का विषाणु न जाने भविष्य में किस करवट बैठे और कितने सालों के बाद अपने पंख फिर से फैला दे, यह कोई नहीं बता सकता। इस बार तो इस महामारी ने केवल मुर्गे-मुर्गियों को ही अपनी चपेट में लिया है मगर हो सकता है कि बर्ड फ्लू की भावी पीढ़ी का विषाणु मानवहंता साबित हो।

कोरोना के खिलाफ लड़ाई निर्णायक दौर में

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निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार सबसे पहले कोविड 19 वैक्सीन हेल्थकेयर कर्मियों यानी डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिक्स और स्वास्थ्य से जुड़े लोगो को दी जाएगी। सभी सरकारी और प्राइवेट हॉस्पिटल को मिलाकर इनकी संख्या 80 लाख से एक करोड़ बताई जा रही है।

आज फिर आपकी कमी सी है…

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जगजीत सिंह को सुनना एक पूरी जिंदगी को जीने जैसा है। जिस तरह वो इश्क करने वालों को लुभाते थे, वैसे ही अपनी जिंदगी की ढ़लान पर खड़े लोगों को उनका बचपन भी याद दिलाते थे। अपने ‘लाइव’ कार्यक्रमों में जब वे ‘वो कागज की कश्ती, वो बारिश का पानी सुनाते’ तो कई लोगों की आंखों के किनारे बरबस ही भीग जाते थे।

चीन के चंगुल से आजाद होगा तिब्बत

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भारत-चीन तनाव के बीच अमेरिका ने दुनिया में तिब्बत का मुद्दा उठाकर एक तरह से भारत को मौका दिया है चीन के विस्तारवादी नीति का जवाब देने का। भारत के सामने भी ‘करो या मरो’ की स्थिति है। भारत के पास नेहरू की गलती को सुधारने का यही आखरी और सबसे अच्छा मौका है। यदि भारत भी दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय देकर अमेरिका की तरह अपनी नीति में आक्रामक बदलाव करे तो निश्चित रूप से चीनी ड्रैगन का फन कुचला जा सकता है।

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