ब चपन में एक कहानी पढ़ी थी। एक व्यापारी औरअध्यापक यात्रा कर रहे थे। रास्ते में जंगल भी थे और...
कपूर खानदान के कलाकार कभी भी ‘कैमेरा कॉन्शियस’नहीं होते। सच पूछिए तो कैमेरा ही उनकी सुंदरता ‘कवर’ करता है। यह...
प्रस्तुत लेख रा. स्व. संघ के सहसरकार्यवाह मा. कृष्णगोपालजी द्वारा हिंदी विवेक के ‘राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषांक’ तथा‘सामाजिक न्याय एवं डॉ....
आज समय की मांग है कि डॉ. आंबेडकर के विचारों के अनुरूप हम आगे बढें। उनके विचार केन्द्रस्थान पर हों।...
स्वातंत्र्यपूर्व समय केराजनैतिक-सामाजिक आंदोलनों से स्वातंत्रोत्तर प्रारंभिक समय तक भारत के राजनैतिक-सामाजिक परिवेश पर जिन महापुरुषों का लक्षणीय प्रभाव रहा...
ह म भारत के लोग इतिहास में, इतिहास के अन्वेषण में रुचिअपेक्षाकृत कम ही लेते हैं। शायद भविष्य के प्रति...
देश मेंे स्वतंत्रता के ६७वर्ष पूर्ण हो चुके हैं। हमारे देश में रेल, सड़क एवं हवाई सेवाओं में वृद्धि हुई...
भारत की धरती पर अनेकॠषियों, मुनियो,ं संतोंे, विचाराकों तथा महापुरूषों ने जन्म लिया है। यहां की संस्कृति में जहां एक...
भारत में मजदूर आंदोलनउन्नीसवीं सदी में ही शुरू हो गए थे। सन १८७७ में नागपुर की एम्प्रेस मिल्स के मजदूरों...
“...मैं (डॉ. आंबेडकर) स्पष्ट करता हूं कि जब कभी मेरे एवं राष्ट्र के हितों के बीच टकराव होगा तो मैं...
बाबासाहब आंबेडकरने लाखों अनुयायियों के साथ बौद्ध पंथ अपनाया तब वीर सावरकर ने वक्तव्य दिया - ‘‘आंबेडकर का पंथान्तर,...
पिछले लगभग आठ दशकों के राजनैतिक, सामाजिक और शैक्षणिक वातावरण को दो व्यक्तियों ने सर्वाधिक प्रभावित किया है। पहले महात्मा...
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