उत्तम अभिनेता उत्कृष्ट व्यक्ति-सदाशिव अमरापुरकर

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उम्र के 64 वे वर्ष में सदाशिव अमरापुरकर का दुखद निधन अत्यंत धक्कादायक था। वे केवल अभिनेता नहीं थे। अपने आसपास होनेवाली सामाजिक घटनाओं के प्रति भी वे काफी सजग थे। सामाजिक कृतज्ञता, पुस्तक वाचन, समाज में घडनेवाली घटनाओं पर स्पष्ट वक्तव्य उनके व्यक्तित्व की खास विशेषताएं थी।

देखो सचिन को….‘प्लेइंग इट माई वे’ से….

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यदि आप स्वयं सचिन की जीवनी पढ़ना चाहते हैं तो कुछ और दिन आपको इंतजार करना होगा; क्योंकि इसकी अग्रिम बुकिंग हो चुकी है और अभी वेटिंग लिस्ट चल रही है। भारत में किसी किताब की बिक्री का यह एक रिकार्ड है। ...एक अहम बात यह कि, इस किताब की बिक्री से मुंबई के एनजीओ ‘अपनालय’ की मदद होगी; क्योंकि इस किताब की बिक्री का एक हिस्सा बच्चों में कुपोषण के खिलाफ लड़ रही आ संस्था को दिया जाएगा।

काले धन की चुनौती

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भारतीय राजनीति में कुछ विषय परंपरागत रूप से चले आ रहे हैं। उनमें से एक विषय है स्विस बैंक में जमा काला धन। काला धन क्या है? काला धन अनैतिक व्यवहार से तथा गलत मार्गों से कमाया हुआ या संचय किया हुआ धन है।

मुहब्बती नगमों के शायर: फिराक

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फिराक की सोच के मुताबिक मुहब्बत के शायर होने के लिए केवल आशिक और शायर होना ही काफी नहीं है। प्रेमी का मन भावुक होने के साथ साथ कोमल, सच्चा तथा नेक होना भी आवश्यक है। सद्गुणों के प्रति उसे आस्था होनी चाहिए। उसका दिलोदिमाग संस्कारों से रचाया सजाया हो। ...जोश मलिहाबादी लिखते हैं कि मीर और गालिब के बाद उस कोटि का सबसे बड़ा शायर एक ही है, और वह है फिराक गोरखपुरी!

संघ, गांधी और मोदी

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पूरी सेक्युलर जमात आजकल नरेन्द्र मोदी के विरोध में महात्मा गांधी नामक अस्त्र लेकर खड़ी है। उसका कारण यह है कि नरेन्द्र मोदी ने 2 अक्टूबर अर्थात गांधी जयंती के अवसर पर ‘स्वच्छ भारत अभियान’ की शुरुआत की। ...गांधी विचाररूपी महासागर से उन्होंने केवल एक कण उठाया। इन सेक्युलर भूत-पिशाचों को इतना भी सहन नहीं हुआ और उन्होंने तुरंत चीखना-चिल्लाना शुरु कर दिया।

ओबामा को बड़ा झटका

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अमेरिका में हाल में हुए सीनेट के चुनाव में राष्ट्रपति ओबामा को बड़ा झटका लगा है। उनकी डेमोक्रेट पार्टी वहां अल्पमत में आ गई है। वरिष्ठ सदन प्रतिनिधि सभा में यह पार्टी पहले से ही अल्पमत में है। इस तरह ओबामा की अल्पमत सरकार है। इससे ओबामा की लोकप्रियता घटी यह सिद्ध होता है। लेकिन सरकार और नीतियों पर विशेष असर नहीं होगा।

पश्चिम बंगाल बचे तो बचेगा भारत!

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बर्दवान विस्फोट ने जाहिर कर दिया कि पश्चिम बंगाल अब मजबही आतंकवाद का मुख्य केंद्र बन गया है। बांग्लादेश के आतंकवादी संगठनों की शह पर अनगिनत मदरसे चल रहे हैं और आतंकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वामपंथियों ने वोट बैंक के खातिर जिस तरह मुस्लिम उग्रवादियों और घुसपैठियों को पनाह दी थी, उसी तरह ममता बैनर्जी की सरकार ने भी उन्हें अभयदान दिया है। यह खतरे की घंटी है।

वैश्विक पटल पर नए भारत का उदय

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इक्कीसवीं सदी के प्रारंभिक वर्षों में भारत की अपार आर्थिक संभावनाओं की चर्चा प्रारंभ हुई, परंतु विदेश नीति और कूटनीति के क्षेत्र में हमारी क्षमताओं का विषय प्राय: चर्चाओं से अछूता ही रहा। 26 मई 2014 को नई भारतीय कूटनीति का आगाज हुआ है, जो इच्छाशक्ति के साथ भारतीय हितों को आगे बढ़ाने को प्रतिबद्ध तो है ही, साथ ही क्षेत्रीय शक्ति बनने की महती आकांक्षा से भी प्रेरित है। नरेंद्र मोदी सरकार की विदेश नीति से इस बात के संकेत मिलते हैं।

अलग नेतृत्व समान चुनौतियां

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हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनावों में भाजपा ने कमल खिलाकर मोदी के कांग्रेस मुक्त भारत अभियान को जारी रखा है। केन्द्र की तरह ही इन दोनों राज्यों की जनता भी उनके तत्कालीन नेतृत्व से परेशान थी।

विकलांगों की समस्याएं एवं पुनर्वसन

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सिर्फ विकलांग दिवस पर एक दिन स्मरण करने से विकलांगों की पुनर्वसन की समस्या सुलझ नहीं सकती। उसमें आनेवाली बाधाएं- अधिकारियों, सरकार की निष्क्रियता, भ्रष्टाचार, अपात्र व्यक्तियों को बहाल की जानेवाली सुविधाएं, पात्र व्यक्तियों को कुछ लाभ न होना आदि में जब तक कुछ परिवर्तन नहीं होता, तब तक विकलांगों को मुख्य प्रवाह में लाना मुश्किल होगा।

हिंदुस्तान ने सब को गणित सिखाया

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गणित शास्त्र पश्चिम से नहीं आया। यह हिंदुस्तान की देन है। हिंदुओं से अरबों ने और उनसे यूनानियों ने गणित सीखा। यह बात अविवादित है। इसी ज्ञात-अज्ञात कड़ी के अंग हैं श्रीनिवास रामानुजम, जिनके जन्म दिवस 22 दिसंबर को ‘राष्ट्रीय गणित दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। इस दिन पर केवल रामानुजन् इस व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरी गणितीय परंपरा का स्मरण जगाना आवश्यक है।

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